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गेहूं की नई प्रजातियों से हुई बंपर पैदावार
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गेहूं की नई प्रजातियों से हुई बंपर पैदावार
बिजनौर। जिले में इस साल गेहूं की नई प्रजातियों ने बंपर पैदावार दी है। जिसके बाद किसान आगामी सालों में गेहूं की बुवाई का रकबा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे गन्ने का रकबा कम होगा और चीनी मिलों का दबाव भी कम होगा।
कृषि विभाग ने गेहूं का रकबा बढ़ाने के लिए अभियान चलाया था। जिसके बाद किसानों ने इस साल पिछले साल के मुकाबले करीब तीन हजार हेक्टेयर अधिक रकबे में गेहूं बोया। किसानों को गेहूं की नई प्रजाति एसडी 2967, डब्ल्यू एच 1124, 88, 60, 1105 आदि अनुदान पर मुहय्या कराई गई। नई प्रजातियों की बंपर उपज से किसान बेहद खुश हैं। जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र के अनुसार जिला अधिकारी की देखरेख में गेहूं की क्राप कटिंग चल रही है। राजस्व विभाग की टीम इस काम में लगी है। टीम किसी भी खेत में पहुंचती है और 50 वर्ग मीटर क्षेत्र का नमूना लेती है। क्राप कटिंग में नई प्रजाति के गेहूं की पैदावार 32 से 42 क्विंटल प्रति हेक्टेयर निकल रही है। पिछले साल गेहूं की औसत पैदावार 36.19 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। इस साल औसत पैदावार अधिक रहेगी।
कृषि विभाग इस साल गेहूं का रकबा और औसत पैदावार बढ़ने से उत्साहित है। विभाग ने आगे की कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को नवशोधित गेहूं की प्रजातियों, बुवाई की टेक्निकल जानकारी, खाद, खरपतवारों से बचाने की जानकारी देने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करना शुरू कर दिया है। पिछले साल 1,52,775 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं था और 5,69,328 क्विंटल गेहूं पैदा हुआ था। इस साल गेहूं बुवाई का रकबा करीब तीन हजार हेक्टेयर बढ़कर 1,59,935 हेक्टेयर हो गया है।
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बिजनौर। जिले में इस साल गेहूं की नई प्रजातियों ने बंपर पैदावार दी है। जिसके बाद किसान आगामी सालों में गेहूं की बुवाई का रकबा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे गन्ने का रकबा कम होगा और चीनी मिलों का दबाव भी कम होगा।
कृषि विभाग ने गेहूं का रकबा बढ़ाने के लिए अभियान चलाया था। जिसके बाद किसानों ने इस साल पिछले साल के मुकाबले करीब तीन हजार हेक्टेयर अधिक रकबे में गेहूं बोया। किसानों को गेहूं की नई प्रजाति एसडी 2967, डब्ल्यू एच 1124, 88, 60, 1105 आदि अनुदान पर मुहय्या कराई गई। नई प्रजातियों की बंपर उपज से किसान बेहद खुश हैं। जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र के अनुसार जिला अधिकारी की देखरेख में गेहूं की क्राप कटिंग चल रही है। राजस्व विभाग की टीम इस काम में लगी है। टीम किसी भी खेत में पहुंचती है और 50 वर्ग मीटर क्षेत्र का नमूना लेती है। क्राप कटिंग में नई प्रजाति के गेहूं की पैदावार 32 से 42 क्विंटल प्रति हेक्टेयर निकल रही है। पिछले साल गेहूं की औसत पैदावार 36.19 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। इस साल औसत पैदावार अधिक रहेगी।
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कृषि विभाग इस साल गेहूं का रकबा और औसत पैदावार बढ़ने से उत्साहित है। विभाग ने आगे की कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को नवशोधित गेहूं की प्रजातियों, बुवाई की टेक्निकल जानकारी, खाद, खरपतवारों से बचाने की जानकारी देने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करना शुरू कर दिया है। पिछले साल 1,52,775 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं था और 5,69,328 क्विंटल गेहूं पैदा हुआ था। इस साल गेहूं बुवाई का रकबा करीब तीन हजार हेक्टेयर बढ़कर 1,59,935 हेक्टेयर हो गया है।
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