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परिषदीय स्कूलों में शुरू हुई लर्निंग आउटकम परीक्षा
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बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में लर्निंग आउटकम के आधार पर कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं की परीक्षा कराई गई। जिले में करीब एक लाख बच्चों ने परीक्षा दी है। 28 फरवरी को जूनियर हाईस्कूल के छात्रों की परीक्षा होगी।
परिषदीय स्कूलों में लर्निंग आउटकम परीक्षा के लिए कई दिनों से तैयारी की जा रही थी। हालांकि शासन से प्रश्नपत्रों के प्रकाशन के लिए धनराशि कम होने पर बच्चों को प्रश्न पत्र नहीं दिए गए। प्रत्येक कक्षा के लिए स्कूलों में एक-एक प्रश्न पत्र भेजा गया। शिक्षकों ने प्रश्न पत्रों को ब्लैक बोर्ड पर लिखा। बच्चों को दी गई ओएमआर सीट पर बच्चों को सही के निशान लगाने थे। परीक्षा को लेकर बच्चों में काफी उत्साह रहा। इस प्रकार की परीक्षा पहली बार कराई गई है। पहले दिन करीब एक लाख बच्चों ने परीक्षा दी है। कक्षा एक व दो में 30-30 प्रश्न पूछे गए जबकि कक्षा तीन, चार व पांच में 40-40 प्रश्न पूछे गए। उत्तर पत्रक को लिफाफों में नोडल अधिकारी की देख रेख में बंद किया गया। ब्लॉक स्तर पर जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने विकास क्षेत्रों में इस परीक्षा पर नजर रखी। न्याय पंचायत पर संकुल प्रभारी तैनात रहे। दूसरे स्कूलों के शिक्षकों को नोडल अधिकारी बनाया गया। संकुल प्रभारी ताजवीर सिंह, रईस अहमद खान ने बताया कि परीक्षा से छात्र खुश नजर आए। उधर, बीएसए के मुताबिक 28 फरवरी को जूनियर हाई स्कूल के बच्चों की लर्निंग आउटकम परीक्षा होगी।
पहली बार मिली ओएमआर सीट
परिषदीय स्कूलों में बच्चों की लर्निंग आउटकम परीक्षा से बच्चे खुश दिखाई दिए। इन स्कूलों में पहली बार बच्चों को ओएमआर सीट देखने को मिली। इसी सीट पर बच्चों को प्रश्नों के उत्तर देने थे। पहली बार स्कूलों में इसका प्रयोग होने से शिक्षक भी खुश नजर आए। शिक्षक अरविंद सिंह, राहुल सिंह, पंकज ढाली, सरदार हरवंत सिंह का कहना था कि इस प्रकार की परीक्षा से बच्चों का आत्मविश्वास बढेगा।
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परिषदीय स्कूलों में लर्निंग आउटकम परीक्षा के लिए कई दिनों से तैयारी की जा रही थी। हालांकि शासन से प्रश्नपत्रों के प्रकाशन के लिए धनराशि कम होने पर बच्चों को प्रश्न पत्र नहीं दिए गए। प्रत्येक कक्षा के लिए स्कूलों में एक-एक प्रश्न पत्र भेजा गया। शिक्षकों ने प्रश्न पत्रों को ब्लैक बोर्ड पर लिखा। बच्चों को दी गई ओएमआर सीट पर बच्चों को सही के निशान लगाने थे। परीक्षा को लेकर बच्चों में काफी उत्साह रहा। इस प्रकार की परीक्षा पहली बार कराई गई है। पहले दिन करीब एक लाख बच्चों ने परीक्षा दी है। कक्षा एक व दो में 30-30 प्रश्न पूछे गए जबकि कक्षा तीन, चार व पांच में 40-40 प्रश्न पूछे गए। उत्तर पत्रक को लिफाफों में नोडल अधिकारी की देख रेख में बंद किया गया। ब्लॉक स्तर पर जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने विकास क्षेत्रों में इस परीक्षा पर नजर रखी। न्याय पंचायत पर संकुल प्रभारी तैनात रहे। दूसरे स्कूलों के शिक्षकों को नोडल अधिकारी बनाया गया। संकुल प्रभारी ताजवीर सिंह, रईस अहमद खान ने बताया कि परीक्षा से छात्र खुश नजर आए। उधर, बीएसए के मुताबिक 28 फरवरी को जूनियर हाई स्कूल के बच्चों की लर्निंग आउटकम परीक्षा होगी।
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पहली बार मिली ओएमआर सीट
परिषदीय स्कूलों में बच्चों की लर्निंग आउटकम परीक्षा से बच्चे खुश दिखाई दिए। इन स्कूलों में पहली बार बच्चों को ओएमआर सीट देखने को मिली। इसी सीट पर बच्चों को प्रश्नों के उत्तर देने थे। पहली बार स्कूलों में इसका प्रयोग होने से शिक्षक भी खुश नजर आए। शिक्षक अरविंद सिंह, राहुल सिंह, पंकज ढाली, सरदार हरवंत सिंह का कहना था कि इस प्रकार की परीक्षा से बच्चों का आत्मविश्वास बढेगा।
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