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जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में लिए निर्णय पर अमल शुरू
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एक साथ नहीं ली जाएगी पूरे वर्ष की फीस
बिजनौर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने पब्लिक स्कूलों की जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में लिए गए निर्णय पर अमल शुरू कर दिया है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों पर आर्थिक भार कम करने के लिए छात्रों की यूनिफार्म बदलने की अवधि पांच साल से अधिक होगी। अब छात्रों से एक साथ पूरे वर्ष की फीस नहीं ली जाएगी। स्कूल छोड़ चुके छात्रों को अपनी कौशल मनी लेने के लिए स्कूल के चक्कर काटने नहीं होंगे। अभिभावकों को भी नियमों से अपडेट रखा जाएगा।
डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार पब्लिक स्कूलों की जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक डीएम सुजीत कुमार की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में जिले के पब्लिक स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य भी थे। बैठक में पब्लिक स्कूलों के लिए बनी शासन नियमावली की जानकारी दी गई। डीआईओएस के मुताबिक छात्रों की यूनीफार्म पांच साल में बदलने का प्रावधान है। डीएम ने इस अवधि को बढ़ाने को कहा जिससे अभिभावकों पर आर्थिक भार नहीं पड़े। इसके लिए स्कूलों से सलाह मशविरा शुरू कर दिया गया है। अब स्कूल बच्चों से पूरी साल की फीस एक साथ कतई नहीं लेंगे। फीस मासिक, त्रैमासिक ली जाएगी। छात्रों के लिए वैकल्पिक शुल्क भी तय कर दी गई है। स्कूलों के पास आउट छात्र कौशल मनी लेने के लिए स्कूलों के चक्कर काटते थे। अब स्कूलों के लिए कौशल मनी का पैसा 15 दिन के भीतर छात्रों के बैंक खातों में भेजना अनिवार्य होगा। स्कूली वाहनों के बारे में डीएम के निर्देश एआरटीओ को भेजे जा रहे हैं।
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बिजनौर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने पब्लिक स्कूलों की जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में लिए गए निर्णय पर अमल शुरू कर दिया है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों पर आर्थिक भार कम करने के लिए छात्रों की यूनिफार्म बदलने की अवधि पांच साल से अधिक होगी। अब छात्रों से एक साथ पूरे वर्ष की फीस नहीं ली जाएगी। स्कूल छोड़ चुके छात्रों को अपनी कौशल मनी लेने के लिए स्कूल के चक्कर काटने नहीं होंगे। अभिभावकों को भी नियमों से अपडेट रखा जाएगा।
डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार पब्लिक स्कूलों की जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक डीएम सुजीत कुमार की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में जिले के पब्लिक स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य भी थे। बैठक में पब्लिक स्कूलों के लिए बनी शासन नियमावली की जानकारी दी गई। डीआईओएस के मुताबिक छात्रों की यूनीफार्म पांच साल में बदलने का प्रावधान है। डीएम ने इस अवधि को बढ़ाने को कहा जिससे अभिभावकों पर आर्थिक भार नहीं पड़े। इसके लिए स्कूलों से सलाह मशविरा शुरू कर दिया गया है। अब स्कूल बच्चों से पूरी साल की फीस एक साथ कतई नहीं लेंगे। फीस मासिक, त्रैमासिक ली जाएगी। छात्रों के लिए वैकल्पिक शुल्क भी तय कर दी गई है। स्कूलों के पास आउट छात्र कौशल मनी लेने के लिए स्कूलों के चक्कर काटते थे। अब स्कूलों के लिए कौशल मनी का पैसा 15 दिन के भीतर छात्रों के बैंक खातों में भेजना अनिवार्य होगा। स्कूली वाहनों के बारे में डीएम के निर्देश एआरटीओ को भेजे जा रहे हैं।
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