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दो दिन की हड़ताल से 100 करोड़ का लेनदेन अटका
Wed, 09 Jan 2019 11:23 PM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 09 Jan 2019 11:23 PM IST
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बैंक पर लटका ताला।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में पेंशन सहित कई मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद बैंक, ओरिएंटल बैक ऑफ कॉमर्स की शाखाओं पर ताले लटके रहे। दो दिन की हड़ताल से करीब 100 करोड़ का लेन देन प्रभावित रहा। बृहस्पतिवार से बैंक खुलेंगे।
ग्रामीण बैंकों की संयुक्त फोरम के आह्वान पर सर्व यूपी ग्रामीण की जिले की सभी 82 ब्रांच में ताले लटके रहे। इलाहाबाद बैंक व ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में क्लर्क ही हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मचारी नेता हरेंद्र त्यागी ने बताया कि बैंक कर्मचारी केंद्र व प्रदेश सरकार की सबसे ज्यादा योजनाओं का संचालन कर रहे हैं। इसके बाद भी कर्मचारियों से उनके हक छिने जा रहे है। बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 25 अप्रैल 2018 तक बैंक में भर्ती सभी कर्मचारियों को पेंशन दी जाएगी। मगर, केंद्र सरकार अब 2010 तक ही भर्ती हुए कर्मचारियों को पेंशन देने की बात कह रही है। केंद्र सरकार ग्रामीण बैंकों में पूंजी भी घटा रही है।
कर्मचारियों ने प्रदर्शन के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक शिवास को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान योगेंद्र पाल सिंह, रवि पटेल, स्वतंत्र वीर सिंह, विनीत कुमार, जगदीश कुमार, राघवेंद्र अत्री, संजय शर्मा, हिमांशु चौहान, पुष्पेंद्र कुमार, अशोक सांगुड़ी, लोकेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स पर भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा केंद्र सरकार की नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं। कहा कि आउटसोर्सिंग प्रथा बैंक में भी आने से कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन में सौरभ गुप्ता, नरेश सिंह, सचिन, भूपेंद्र, सुभाष चंद, सूरज सिंह, सरोवर लाल आदि मौजूद रहे।
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उधर, धामपुर में भी पीएनबी और एसबीआई पर दूसरे दिन भी ताले लटके रहे। इससे लोगों को भारी परेशानी हुई। कर्मचारियों ने चेताया कि यदि जब तक उनकी मांगो को पूरा नहीं किया जाता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ये है मांगें
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पेंशन लागू करने।
- दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण हो।
- प्रवर्तक बैंकों के समान पदोन्नति व सुविधाएं मिलें।
- भारतीय ग्रामीण बैंक की स्थापना करने।
- आउटसोर्सिंग को खत्म किया जाए।
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ग्रामीण बैंकों की संयुक्त फोरम के आह्वान पर सर्व यूपी ग्रामीण की जिले की सभी 82 ब्रांच में ताले लटके रहे। इलाहाबाद बैंक व ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में क्लर्क ही हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मचारी नेता हरेंद्र त्यागी ने बताया कि बैंक कर्मचारी केंद्र व प्रदेश सरकार की सबसे ज्यादा योजनाओं का संचालन कर रहे हैं। इसके बाद भी कर्मचारियों से उनके हक छिने जा रहे है। बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 25 अप्रैल 2018 तक बैंक में भर्ती सभी कर्मचारियों को पेंशन दी जाएगी। मगर, केंद्र सरकार अब 2010 तक ही भर्ती हुए कर्मचारियों को पेंशन देने की बात कह रही है। केंद्र सरकार ग्रामीण बैंकों में पूंजी भी घटा रही है।
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कर्मचारियों ने प्रदर्शन के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक शिवास को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान योगेंद्र पाल सिंह, रवि पटेल, स्वतंत्र वीर सिंह, विनीत कुमार, जगदीश कुमार, राघवेंद्र अत्री, संजय शर्मा, हिमांशु चौहान, पुष्पेंद्र कुमार, अशोक सांगुड़ी, लोकेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स पर भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा केंद्र सरकार की नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं। कहा कि आउटसोर्सिंग प्रथा बैंक में भी आने से कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन में सौरभ गुप्ता, नरेश सिंह, सचिन, भूपेंद्र, सुभाष चंद, सूरज सिंह, सरोवर लाल आदि मौजूद रहे।
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उधर, धामपुर में भी पीएनबी और एसबीआई पर दूसरे दिन भी ताले लटके रहे। इससे लोगों को भारी परेशानी हुई। कर्मचारियों ने चेताया कि यदि जब तक उनकी मांगो को पूरा नहीं किया जाता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ये है मांगें
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पेंशन लागू करने।
- दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण हो।
- प्रवर्तक बैंकों के समान पदोन्नति व सुविधाएं मिलें।
- भारतीय ग्रामीण बैंक की स्थापना करने।
- आउटसोर्सिंग को खत्म किया जाए।