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Bhadohi News: आयुर्वेदिक एचडब्ल्यूसी पर नहीं मिल रहा योगाभ्यास का सुविधा
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ज्ञानपुर। जिले के नौ आयुर्वेदिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर योग प्रशिक्षकों की उदासीनता के चलते मरीजों को योगाभ्यास की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अधिकांश योग प्रशिक्षक डब्ल्यूएचसी से नदारद रहते हैं। योगाभ्यास के लिए आने वाले मरीजों वापस लौटना पड़ता है। जिले में 26 आयुर्वेदिक अस्पताल संचालित है। इसमें से 9 अस्पतालों पर योग प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है।
आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर कटिबद्ध है। जिले के कई राजकीय अस्पतालों की स्थित बदहाल है। जिसका सुध लेने वाले जिम्मेदार अधिकारी भी अनजान बने हैं। जिले के नौ अस्पतालों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में चयन किया गया है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं ये सेंटर वंचित है। इन अस्पतालों में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा महिला व पुरुष योग प्रशिक्षक भी तैनात है। प्रशिक्षकों की जिम्मेदारी है कि सेंटर पर पहुंचने वाले मरीजों को एक घंटे योगाभ्यास कराए। इसके अलावा सेंटर के क्षेत्र में शिविर लगाकर एक घंटे तक योगाभ्यास कराएं। एक महीने में महिला प्रशिक्षकों को योग का 20 सत्र एक एक घंटे का लगाना है। जिसमें 8 सत्र केंद्र पर 12 सत्र बाहर लगाना है। इसी तरह पुरुष प्रशिक्षकों को कुल 32 सत्र लगाना है। जिसमें 12 सत्र केंद्र पर 20 सत्र बाहर लगाकर लोगों को योगाभ्यास कराना है, लेकिन प्रशिक्षकों की महज कागजी खानापूर्ति के चलते जरुरतमंद मरीजों को योगाभ्यास सुविधा नहीं पा रही है।
जिले के नौ राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को एचडब्ल्यूसी बनाया गया गया है। सेंटर पर तैनात योग प्रशिक्षक निर्धारित समय तक शिविर लगाकर योगाभ्यास कराते हैं। यदि कहीं पर लापरवाही बरती जा रही है तो इसकी जानकारी कर व्यवस्थाएं ठीक कराई जाएंगी। डॉ. सरोज शंकर राम, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी वाराणसी।
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आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर कटिबद्ध है। जिले के कई राजकीय अस्पतालों की स्थित बदहाल है। जिसका सुध लेने वाले जिम्मेदार अधिकारी भी अनजान बने हैं। जिले के नौ अस्पतालों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में चयन किया गया है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं ये सेंटर वंचित है। इन अस्पतालों में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा महिला व पुरुष योग प्रशिक्षक भी तैनात है। प्रशिक्षकों की जिम्मेदारी है कि सेंटर पर पहुंचने वाले मरीजों को एक घंटे योगाभ्यास कराए। इसके अलावा सेंटर के क्षेत्र में शिविर लगाकर एक घंटे तक योगाभ्यास कराएं। एक महीने में महिला प्रशिक्षकों को योग का 20 सत्र एक एक घंटे का लगाना है। जिसमें 8 सत्र केंद्र पर 12 सत्र बाहर लगाना है। इसी तरह पुरुष प्रशिक्षकों को कुल 32 सत्र लगाना है। जिसमें 12 सत्र केंद्र पर 20 सत्र बाहर लगाकर लोगों को योगाभ्यास कराना है, लेकिन प्रशिक्षकों की महज कागजी खानापूर्ति के चलते जरुरतमंद मरीजों को योगाभ्यास सुविधा नहीं पा रही है।
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जिले के नौ राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को एचडब्ल्यूसी बनाया गया गया है। सेंटर पर तैनात योग प्रशिक्षक निर्धारित समय तक शिविर लगाकर योगाभ्यास कराते हैं। यदि कहीं पर लापरवाही बरती जा रही है तो इसकी जानकारी कर व्यवस्थाएं ठीक कराई जाएंगी। डॉ. सरोज शंकर राम, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी वाराणसी।
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