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Bhadohi News: बच्चा वार्ड में चल रहा काम, बेड 36 से घटकर हो गए 18, एक पर दो से तीन बच्चे भर्ती, संक्रमण का खतरा
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अस्थाई बच्चा वार्ड में एक बेड पर भर्ती दो बच्चे। स्रोत- संवाद
मौसम में बदलाव के चलते इस समय वायरल बुखार से लेकर अन्य बीमारियों की चपेट में आने के कारण बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। उधर, बच्चा वार्ड में बेड की संख्या घट गई है। मंडलीय अस्पताल मेें 20 दिनों से बच्चा वार्ड में अग्निशमन संबंधी कार्य चल रहे हैं। इसके चलते बच्चा वार्ड के मरीजों को वृद्धजन वार्ड (जिरियाट्रिक) व पुराने डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है। जहां सिर्फ 18 बेड हैं। हालत यह है कि एक बेड पर दो से तीन बच्चे भर्ती हैं। इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
मंडलीय अस्पताल में इस समय अग्निशमन संबंधी कार्य चल रहे हैं। पिछले 20 दिनों से बच्चा वार्ड में भी कार्य चल रहा है। अस्पताल में बच्चों के लिए 36 बेड का वार्ड बच्चा वार्ड है। डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने पर तो वैसे ही 36 बेड कम पड़ते थे और अब वार्ड में कार्य होने के चलते बेड की संख्या 36 से घटकर 18 हो गई है।
इसमें 12 बेड वृद्धजन वार्ड (जिरियाट्रिक) और छह बेड पुराने डेंगू वार्ड के लिए गए हैं। इन 18 बेड पर इस समय 36 से 40 बच्चे भर्ती रह रहे हैं। इसमें वायरल बुखार, डायरिया, पेट दर्द आदि के मरीज भर्ती हैं। बेड से ज्यादा मरीज होने पर एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। एक बेड पर दो से तीन बच्चे भर्ती हैं। बच्चा वार्ड हमेशा संवेदनशील रहता है। ऐसे में विभिन्न रोगों से पीड़ित होने के बाद एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
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वार्ड में शौचालय की स्थिति भी दयनीय
मिर्जापुर। जिस जिरियाट्रिक वार्ड में बच्चों को भर्ती किया जा रहा है, वहां शौचालय की स्थित अत्यंत दयनीय है। इससे बच्चों में संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
एक परिवार से तीन बच्चे भर्ती
मिर्जापुर। जिस जिरियाट्रिक वार्ड बच्चों को भर्ती किया गया है, उसमें एक परिवार के तीन बच्चे भर्ती हैं। इनमें शिवा तिवारी (6), आस्था (8) और सक्षम (6) एक ही बेड पर भर्ती हैं। शिवा को बुखार, आस्था को पेट दर्द और सक्षम को बुखार आ रहा है। दूसरे बेड पर एक वर्ष की आराधना और समक्ष भर्ती हैं।
कोट :
इस समय बच्चा वार्ड में अग्निशमन संबंधी कार्य चल रहे हैं। इस कारण समस्या पैदा हो रही है। बच्चा वार्ड संवेदनशील है। इसलिए वहां पर जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। दो-तीन दिन में कार्य पूरे हो जाएंगे। फिर बच्चे वहां भर्ती होंगे। - डाॅ. सचिन किशोर, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल
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मंडलीय अस्पताल में इस समय अग्निशमन संबंधी कार्य चल रहे हैं। पिछले 20 दिनों से बच्चा वार्ड में भी कार्य चल रहा है। अस्पताल में बच्चों के लिए 36 बेड का वार्ड बच्चा वार्ड है। डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने पर तो वैसे ही 36 बेड कम पड़ते थे और अब वार्ड में कार्य होने के चलते बेड की संख्या 36 से घटकर 18 हो गई है।
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इसमें 12 बेड वृद्धजन वार्ड (जिरियाट्रिक) और छह बेड पुराने डेंगू वार्ड के लिए गए हैं। इन 18 बेड पर इस समय 36 से 40 बच्चे भर्ती रह रहे हैं। इसमें वायरल बुखार, डायरिया, पेट दर्द आदि के मरीज भर्ती हैं। बेड से ज्यादा मरीज होने पर एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। एक बेड पर दो से तीन बच्चे भर्ती हैं। बच्चा वार्ड हमेशा संवेदनशील रहता है। ऐसे में विभिन्न रोगों से पीड़ित होने के बाद एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
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वार्ड में शौचालय की स्थिति भी दयनीय
मिर्जापुर। जिस जिरियाट्रिक वार्ड में बच्चों को भर्ती किया जा रहा है, वहां शौचालय की स्थित अत्यंत दयनीय है। इससे बच्चों में संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
एक परिवार से तीन बच्चे भर्ती
मिर्जापुर। जिस जिरियाट्रिक वार्ड बच्चों को भर्ती किया गया है, उसमें एक परिवार के तीन बच्चे भर्ती हैं। इनमें शिवा तिवारी (6), आस्था (8) और सक्षम (6) एक ही बेड पर भर्ती हैं। शिवा को बुखार, आस्था को पेट दर्द और सक्षम को बुखार आ रहा है। दूसरे बेड पर एक वर्ष की आराधना और समक्ष भर्ती हैं।
कोट :
इस समय बच्चा वार्ड में अग्निशमन संबंधी कार्य चल रहे हैं। इस कारण समस्या पैदा हो रही है। बच्चा वार्ड संवेदनशील है। इसलिए वहां पर जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। दो-तीन दिन में कार्य पूरे हो जाएंगे। फिर बच्चे वहां भर्ती होंगे। - डाॅ. सचिन किशोर, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल