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लंबी उम्र की कामना
bhadohi
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:49 AM IST
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करवा चौथ पर चलनी से चांद का दीदार करती एक सुहागिन।
- फोटो : bhadohi
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चलनी में चांद के साथ अपने जनम-जनम के साथी का चेहरा देखकर सुहागिनें निहाल हो उठीं। लंबे इंतजार के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे चांद का दीदार हुआ तो अखंड अहिवात की मनोकामना लिए सुहागिनें चहकते हुए छत पर भागीं। चलनी में चांद के साथ पति का चेहरा देखकर उन्हीं के हाथों पानी पीकर व्रत का पारण किया।
सुहाग की सलामती के लिए मनाया जाने वाला करवा चौथ का व्रत बुधवार को जिले में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। सोलह शृंगार कर सुहागिनों ने सुबह से लेकर देर रात तक निराजल व्रत रखा। इस दौरान अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र की कामना की गई।
पूजा वाले घरों में पूरे दिन मंगल गीत गाए गए और चहल-पहल बनी रही। इस दौरान सजने-संवरने और पकवान बनाने का सिलसिला भी पूरे दिन चलता रहा। साज-शृंगार और नए कपड़े पहनकर महिलाएं सूर्यदेव के अस्त होते ही चांद के इंतजार में टकटकी लगाकर बैठ गईं। रात ठीक 08:27 बजे जब धुंध को चीरती हुई चांद की किरणें धरती पर पहुंचीं तो सुहागिनें चहक उठीं। दौड़ते हुए सभी छत पर गईं और पूजा शुरू हो गई। करवा, सरई और चलनी की मदद से चांद देखने की रस्म अदायगी कर व्रत पूरा किया गया। इसके बाद घरों में विविध पकवान का स्वाद लिया गया।
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करवा चौथ का चलन गांवों में भी बढने लगा है। नगर से इतर गांव की कई महिलाओं ने व्रत रखकर पति की सलामती की दुआ की। जिला मुख्यालय से लगे लखनों गांव में प्रमिला दुबे ने कहा कि करवा चौथ का व्रत वह कई सालों से करती आ रही हैं। अब गांवों में भी यह व्रत रखने वाली महिलाओं की तादाद बढ़ रही है।
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सुहाग की सलामती के लिए मनाया जाने वाला करवा चौथ का व्रत बुधवार को जिले में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। सोलह शृंगार कर सुहागिनों ने सुबह से लेकर देर रात तक निराजल व्रत रखा। इस दौरान अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र की कामना की गई।
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पूजा वाले घरों में पूरे दिन मंगल गीत गाए गए और चहल-पहल बनी रही। इस दौरान सजने-संवरने और पकवान बनाने का सिलसिला भी पूरे दिन चलता रहा। साज-शृंगार और नए कपड़े पहनकर महिलाएं सूर्यदेव के अस्त होते ही चांद के इंतजार में टकटकी लगाकर बैठ गईं। रात ठीक 08:27 बजे जब धुंध को चीरती हुई चांद की किरणें धरती पर पहुंचीं तो सुहागिनें चहक उठीं। दौड़ते हुए सभी छत पर गईं और पूजा शुरू हो गई। करवा, सरई और चलनी की मदद से चांद देखने की रस्म अदायगी कर व्रत पूरा किया गया। इसके बाद घरों में विविध पकवान का स्वाद लिया गया।
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करवा चौथ का चलन गांवों में भी बढने लगा है। नगर से इतर गांव की कई महिलाओं ने व्रत रखकर पति की सलामती की दुआ की। जिला मुख्यालय से लगे लखनों गांव में प्रमिला दुबे ने कहा कि करवा चौथ का व्रत वह कई सालों से करती आ रही हैं। अब गांवों में भी यह व्रत रखने वाली महिलाओं की तादाद बढ़ रही है।