बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त भदोही जिले के 75 गांवों को आत्मनिर्भर भारत, स्वावलंबी भारत बनाने के लिए काम करेंगे। सोमवार को जमुनीपुर स्थित स्वदेशी आश्रम में उन्होंने प्रेस वार्ता कर बताया कि देश आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मना रहा है। इस दौरान हम सबको उन वीर शहीदों की कुर्बानियों को भी याद करते रहना होगा। ताकि आने वाली पीढ़ियां उन्हें भुला न पाए। उन्होंने कहा कि भदोही का इतिहास गौरव से भरा पड़ा है। 1857 आजादी के लिए नील आंदोलन की शुरुआत भदोही से हुई थी। भदोही के 22 वीर सपूतों को अंग्रेजों ने इमली के पेड़ पर फांसी दी थी। नील आंदोलन को महात्मा गांधी ने वर्ष 1922 में चंपारण से गति दी थी। सांसद ने कहा मुझे गर्व है कि आंदोलन की प्रेरणा भदोही ने दी। बताया कि 13 अगस्त को राष्ट्रीय संसदीय परिषद की बैठक में लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष आजादी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा हुई। जिसमें नील आंदोलन में भदोही के योगदान की चर्चा के पश्चात जिले के 75 गांवों को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष और सरकार से मंजूरी मिली है। बताया भदोही परऊपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण कर दिया गया है। अब 75 गांव को चिह्नित किया जाएगा। सांसद ने बताया कि इस योजना में देश के तीन और जिलों को शामिल किया गया है। वार्ता में शैलेंद्र दूबे, अखंड प्रताप सिंह, रामपाल यादव, मनीष पांडेय, प्रवीण तिवारी, दीपक मिश्र आदि उपस्थित रहे।