वहिदरानगर।
डीघ ब्लाॅक के कलिंजरा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को कथा व्यास आचार्य डॉ. रामानंद महाराज ने राजा परीक्षित की कथा सुनाई। कहा कि भगवान की शरण में जो जाता है उसकी रक्षा भगवान स्वयं करते हैं। बताया कि जब राजा परीक्षित को श्राप मिला कि सात दिन में तक्षक नाग के डंसने से मृत्यु होगी, तब वे गंगा तट पर भागवत सुनने बैठे। उसी समय 16 वर्ष के बालयोगी शुकदेव जी का आगमन हुआ। शुकदेव जी की वाणी से निकली भागवत साक्षात कथामृत है। इसे सुनने मात्र से जीव भवसागर पार कर जाता है। कहा कि यह संसार भगवान की माया है। असली तत्व तो केवल परमात्मा है। इस मौके पर हौशिला प्रसाद पाठक, घनश्याम दास गुप्ता, माताहिंछ तिवारी, जय शंकर तिवारी, सचिन तिवारी, डॉ. वासुदेव तिवारी, आत्माराम गिरी आदि रहे।