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घटाव पर गंगा का जल स्तर,पीपा पुल का निर्माण शुरु
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ज्ञानपुर/गोपीगंज। गंगा के जल स्तर में कमी आते ही एक बार फिर पीपा पुल निर्माण में तेजी देखी जा रही है। रविवार को रामपुर गंगा घाट पर कार्यदाई संस्था ने लगभग 30 पीपे लगाकर मोटरयुक्त नाव से अन्य उपकरणों की ढुलाई शुरू कर दी है। डेंगुरपुर-धनतुलसी और सीतामढ़ी घाटों पर निर्माण को लेकर सुस्ती से इस लिए चिंता हो रही है कि नवंबर के समापन तक पुल नहीं चालू हो सका तो शास्त्री पुल मिर्जापुर और स्पंज ब्रिज नैनी-प्रयागराज से अनायाश चक्कर लगाकर ही गतंव्य तक पहुंचना विवशता हो जाएगी।
गंगा पार होने के लिए सीतामढ़ी और डेंगुरपुर घाट से जोखिम उठाकर स्टीमर, जर्जर मोटरयुक्त नाव का सहारा लेने वाले रामनिहोर, दयाशंकर, महेंद्र आदि ने बताया कि लोक निर्माण विभाग गंगा दशहरा आने पर एक सप्ताह पूर्व ही पुल पर आवागमन बंद करा दिया जाता है। निर्माण शुरू करने के दौरान तरह-तरह की अड़चने खड़ा कर विलंब करना प्रति वर्ष की आदत है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि 15 अक्तूबर से ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरु कर दी गई थी। 25 अक्तूबर तक आनलाइन टेंडर खुलने पर कार्यदाई संस्थाओं ने औपचारिकताएं भी निभाई। जिसका कोई असर गंगा पार होने वालों के हित में नहीं देखा जा रहा है।
मिर्जापुर-प्रयागराज सहित कई जनपदों का आवागमन
शादियों का भी दौर शुरू होने के कारण इस पार से लोग मिर्जापुर, प्रयागराज तो उस पार लोग भदोही, जौनपुर, वाराणसी, औराई, हंडिया, बरौत, दुर्गागंज, सुरियावां, चौरी, पाली, अभोली आने के लिए दिन में जल्दबाजी दिखाते हैं। शाम लगभग सात बजे के बाद गंगा को पार करना न यात्रियों के लिए सरल साबित होता है न नाविक जाना चाहते हैं। नवंबर के अंतिम सप्ताह में पुल को हरहालत में चालू कराना जनहित में होगा।
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जल स्तर में कमी आने पर घाटों पर पीपा पुल निर्माण को शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। कार्यदाई संस्थाएं उपलब्ध संसाधनों से जिम्मेदारी संभालना शुरू कर चुकी हैं। निर्माण में किसी तरह की अड़चनें न आई तो माह के अंतिम तक पुलों से आवागमन भी शुरु हो जाएगा।
एसबी राव, अधिशासी अभियंता-पीडब्ल्यूडी
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गंगा पार होने के लिए सीतामढ़ी और डेंगुरपुर घाट से जोखिम उठाकर स्टीमर, जर्जर मोटरयुक्त नाव का सहारा लेने वाले रामनिहोर, दयाशंकर, महेंद्र आदि ने बताया कि लोक निर्माण विभाग गंगा दशहरा आने पर एक सप्ताह पूर्व ही पुल पर आवागमन बंद करा दिया जाता है। निर्माण शुरू करने के दौरान तरह-तरह की अड़चने खड़ा कर विलंब करना प्रति वर्ष की आदत है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि 15 अक्तूबर से ही पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरु कर दी गई थी। 25 अक्तूबर तक आनलाइन टेंडर खुलने पर कार्यदाई संस्थाओं ने औपचारिकताएं भी निभाई। जिसका कोई असर गंगा पार होने वालों के हित में नहीं देखा जा रहा है।
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मिर्जापुर-प्रयागराज सहित कई जनपदों का आवागमन
शादियों का भी दौर शुरू होने के कारण इस पार से लोग मिर्जापुर, प्रयागराज तो उस पार लोग भदोही, जौनपुर, वाराणसी, औराई, हंडिया, बरौत, दुर्गागंज, सुरियावां, चौरी, पाली, अभोली आने के लिए दिन में जल्दबाजी दिखाते हैं। शाम लगभग सात बजे के बाद गंगा को पार करना न यात्रियों के लिए सरल साबित होता है न नाविक जाना चाहते हैं। नवंबर के अंतिम सप्ताह में पुल को हरहालत में चालू कराना जनहित में होगा।
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जल स्तर में कमी आने पर घाटों पर पीपा पुल निर्माण को शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। कार्यदाई संस्थाएं उपलब्ध संसाधनों से जिम्मेदारी संभालना शुरू कर चुकी हैं। निर्माण में किसी तरह की अड़चनें न आई तो माह के अंतिम तक पुलों से आवागमन भी शुरु हो जाएगा।
एसबी राव, अधिशासी अभियंता-पीडब्ल्यूडी
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