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आधे घंटे से ज्यादा लगातार मोबाइल देखना आदत नहीं, बीमारी है

Mon, 11 Apr 2022 10:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 10:15 PM IST
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Watching mobile continuously for more than half an hour is not a habit, it is a disease
वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौर से ही लोगों में मोबाइल चलाने की लत बढ़ गई है। ये लत इस कदर बढ़ी है कि अब बिना मोबाइल के जिंदगी की गाड़ी आगे चल ही नहीं सकती है। इस समय मोबाइल जिन्दगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। बच्चों सहित युवाओं में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है।
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मनोचिकित्सक बताते हैं कि अगर आप काम-काज की वजह से दिनभर मोबाइल, लैपटाप पर बैठकर काम करते हैं तो दिक्कत नहीं है। यदि आप सिर्फ मोबाइल फोन से समय व्यतित कर रहे हैं तो समझिए आप मनोरोग बीमारी के चपेट में हैं। चिकित्सक बताते हैं कि आधे घंटे से ज्याद लोगों को लगातार मोबाइल नहीं देखना चाहिए। दस पांच मिनट तक सोशल मीडिया पर मैसेज देखिए, उसके बाद ज्यादा से ज्याद समय तक मोबाइल अपने से दूर रखें। मोबाइल का उपयोग फोन से बातचीत के लिए करिए। बीते दिनों महाराजा चेतसिंह चिकित्सालय में मोबाइल रेडिसन बीमारी से ग्रसित एक बच्चा अपनी बहन के साथ आया था। जिसे चिकित्सकों ने सोमवार को अभिभावकों के साथ बुलाया, लेकिन दोबारा बच्चा आया ही नहीं। मनोचिकित्सक दोपहर दो बजे तक उस बच्चें का इंतजार कर रहे थे।
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बंद स्कूल कॉलेज बढ़ गए मरीज:
कोरोना के असर को देखते हुए उस समय स्कूल-कॉलेज बंद करने का निर्देश दिया गया था। जिसके बाद से बच्चों में ऑनलाइन पढ़ाई की लत लगनी शुरू हो गई थी। ऑनलाइन क्लास के चक्कर में बच्चें ज्यादतर समय मोबाइल फोन पर गेम खेलने में बिताते थे। जिससे बच्चों पर बुरा असर पढ़ता था, बच्चे हमेशा तनावग्रस्त रहते हैं। गौरतलब है कि मार्च माह में महाराजा चेतसिंह चिकित्सालय में आंख से संबंधित मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई थी।
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ऐसे मरीजों के पास से कुछ समय तक मोबाइल दूर रख दिया जाएं तो उनकी बेचैनी बढ़ जाती है। यदि ऐसी स्थिति बनें तो समझिए वो व्यक्ति बीमारी की चपेट में है। ज्यादतर मरीजों में घबराहट होने लगती है।
डॉ. अशोक परासर, नैदानिक मनोवैज्ञानिक, जिला चिकित्सालय
बच्चों में बीमारी के लक्षण:
- बच्चों में चिड़िचिड़ापन होना।
- मोबाइल में दिन भर व्यस्त रहना।
- समय पर खाना पीना न खाना।
- परिवार के सदस्यों से सही तरीके से बातचीत न करना।
- सोशल मीडिया पर दिन भर व्यस्त रहना।
बीमारी से बचाव का तरीका
- अभिभावक जागरूक बनें।
- बच्चों को बचपन से मोबाइल की लत न लगने दें।
- बच्चों को एकांत में मोबाइल न देखने दें।
- घर पर बच्चे को व्यस्त रखें, उसके साथ खेलें और पढ़ाएं।
- पौष्टिक भोजन करें, बच्चों के मन पसंद की डिस बनाएं
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