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Bhadohi News: डाॅक्टरों के आवासों पर वार्ड बाॅय-नर्स का कब्जा
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गोपीगंज सीएचसी में बना चिकित्सक आवास। संवाद
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में रात में ठहरने के लिए चिकित्सकों को आवास आवंटित है, लेकिन उसे दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों ने ठिकाना बना लिया है। 35 में से 25 चिकित्सक आवासों में अवैध कब्जा है। कई आवासों में तो रिटायर हो चुके कर्मचारियों के ताले लटके हैं।
कुछ तो स्थानांतरण के बाद भी आवास अभी तक नहीं खाली किए हैं। गोपीगंज के पूर्व अधीक्षक और एक डॉक्टर का तबादला दो महीने पहले दूसरे केंद्र पर हुआ है, लेकिन अभी तक वे आवास खाली नहीं किए हैं। डीघ में दो संविदाकर्मी आवास नहीं छोड़ रहे हैं। इसके कारण डॉक्टर जिले में रात में नहीं रुक पा रहे हैं।
जिले की 20 लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए कुल 235 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें तीन राजकीय चिकित्सालय, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित 206 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसलिए सीएचसी और पीएचसी के पास ही चिकित्सकों के रहने के लिए आवास बनाए गए हैं।
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सीएचसी, पीएचसी पर डॉक्टरों के लिए 35 आवास है, इसमें 10 में ही डाॅक्टर रहते हैं। 25 आवासों पर संविदाकर्मियों (वार्ड बाॅय-नर्स) का कब्जा हैं। आरोप है उनको आवास खाली करने के लिए जब कहा जाता है तो वह किसी अधिकारी से फोन कराकर शांत कर देते हैं। डीघ सीएचसी पर चार आवास है, इसमें एक इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले डॉक्टर के लिए रिजर्व है।
तीन पर संविदाकर्मी कर्मचारियों का कब्जा है। हिदायत के बाद भी वे डाॅक्टरों का आवास खाली नहीं कर रहे हैं। यही हाल गोपीगंज का है। यहां चार डॉक्टर है, दो महीने पहले पूर्व अधीक्षक डॉ.आशुतोष पांडेय का जिला अस्पताल और डॉ. एसएस यादव का भदोही तबादला हो गया अभी तक दोनों ने आवास नहीं खाली किया है।
तीसरे आवास में एक डॉ.गौतम निवास करते हैं। जबकि एक बीपीएमयू का ऑफिस है। वर्तमान अधीक्षक भी निवास नहीं करते हैं। यहीं हाल सुरियावां, भानीपुर, औराई का है। औराई में कई डॉक्टर रोजाना वाराणसी, मिर्जापुर से निवास करते हैं।
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कुछ तो स्थानांतरण के बाद भी आवास अभी तक नहीं खाली किए हैं। गोपीगंज के पूर्व अधीक्षक और एक डॉक्टर का तबादला दो महीने पहले दूसरे केंद्र पर हुआ है, लेकिन अभी तक वे आवास खाली नहीं किए हैं। डीघ में दो संविदाकर्मी आवास नहीं छोड़ रहे हैं। इसके कारण डॉक्टर जिले में रात में नहीं रुक पा रहे हैं।
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जिले की 20 लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए कुल 235 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें तीन राजकीय चिकित्सालय, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित 206 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसलिए सीएचसी और पीएचसी के पास ही चिकित्सकों के रहने के लिए आवास बनाए गए हैं।
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सीएचसी, पीएचसी पर डॉक्टरों के लिए 35 आवास है, इसमें 10 में ही डाॅक्टर रहते हैं। 25 आवासों पर संविदाकर्मियों (वार्ड बाॅय-नर्स) का कब्जा हैं। आरोप है उनको आवास खाली करने के लिए जब कहा जाता है तो वह किसी अधिकारी से फोन कराकर शांत कर देते हैं। डीघ सीएचसी पर चार आवास है, इसमें एक इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले डॉक्टर के लिए रिजर्व है।
तीन पर संविदाकर्मी कर्मचारियों का कब्जा है। हिदायत के बाद भी वे डाॅक्टरों का आवास खाली नहीं कर रहे हैं। यही हाल गोपीगंज का है। यहां चार डॉक्टर है, दो महीने पहले पूर्व अधीक्षक डॉ.आशुतोष पांडेय का जिला अस्पताल और डॉ. एसएस यादव का भदोही तबादला हो गया अभी तक दोनों ने आवास नहीं खाली किया है।
तीसरे आवास में एक डॉ.गौतम निवास करते हैं। जबकि एक बीपीएमयू का ऑफिस है। वर्तमान अधीक्षक भी निवास नहीं करते हैं। यहीं हाल सुरियावां, भानीपुर, औराई का है। औराई में कई डॉक्टर रोजाना वाराणसी, मिर्जापुर से निवास करते हैं।