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दस किमी पैदल चले, तब पहुंचे रोमानिया, वहां से दूतावास का मिला सहयोग

Thu, 03 Mar 2022 12:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 12:38 AM IST
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Walked ten km, then Romania arrived, got the support of the embassy from there
यूक्रेन में एमबीबीएस करने गए कालीन नगरी के होनहारों की वापसी शुरू हो गई है। शुभम कुमार दूबे के बाद मंगलवार की रात गोपीगंज निवासी शाह फैसल भी सुरक्षित वापस आ गए। उन्होंने बताया कि तनावपूर्ण स्थिति के बीच से टैक्सी का सहारा लिया और किसी तरह से रोमानिया पहुंचे। इस बीच करीब 10 किमी पैदल चले, तब जाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। वहां से दिल्ली के लिए फ्लाइट मिली। उसने अपने चचेरे भाई की भी शीघ्र वापस आने की उम्मीद जताई। उन्होंने बताया कि यूक्रेन की स्थिति काफी चिंताजनक है। यूक्रेन के अधिकारी व सेना के लोग ठीक से हम लोगों का सहयोग नहीं कर रहे थे। बार्डर पर यूक्रेन की सेना पहले यूक्रेन के नागरिकों को बाहर निकलने दे रही थी। उन्होंने बताया कि रोमानिया पहुंचने के बाद दूतावास का पूरा सहयोग मिला और सुरक्षित अपने घर आने में कामयाबी मिली। फैसल का चचेरा भाई मुजैफ और गोपीगंज निवासी चित्रांश के भी रोमानिया पहुंचने की सूचना मिली।
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गोपीगंज निवासी मकबूल अहमद का पुत्र शाह फैसल मंगलवार की रात घर आ गया। घर पहुंचने पर उसके परिवार वाले काफी खुश हुए। शाह फैसल ने बताया कि 28 फरवरी को रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि इवानो नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। यह पांचवां वर्ष है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन के इवानो से रोमानिया पहुंचने के लिए डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी टैक्सी से तय की। रोमानिया बार्डर से करीब 10 किमी पहले ही भीड़ के कारण टैक्सी नहीं जा सकी। वहां से 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर रोमानिया और यूक्रेन बार्डर पहुंच गए। वहां करीब 48 घंटे तक इंतजार करने के बाद भय के माहौल से बाहर निकलकर रोमानिया पहुंचे, तब राहत मिली। रोमानिया एयरपोर्ट से मंगलवार को दिल्ली पहुंचे। वहां से घर आए। उन्होंने बताया कि यूक्रेन की स्थिति काफी चिंताजनक है। यूक्रेन के अधिकारी व सेना के लोग ठीक से हम लोगों का सहयोग नहीं कर रहे थे। बार्डर पर यूक्रेन की सेना पहले यूक्रेन के नागरिकों को बाहर निकलने दे रही थी।
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