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प्रधानी से विपुल ने शुरू की राजनीति, बने विधायक
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बहुचर्चित ज्ञानपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाले भाजपा-गठबंधन प्रत्याशी विपुल दूबे सात वर्ष पूर्व मिल्की गांव से ग्राम प्रधानी का चुनाव जीतने के साथ राजनीति में कदम रखा। इसके बाद 2021 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। पंचायत चुनाव की हार की टीस इतनी लगी कि सक्रिय राजनीति में आ गए। मात्र आठ महीने की राजनीति में चार बार के विधायक विजय मिश्र और पूर्व मंत्री राम किशोर बिंद को पटखनी दे दी।
ज्ञानपुर नगर से सटे मिल्की गांव निवासी विपुल दूबे मूल रूप से कारोबारी हैं। विद्युत निगम सहित विभिन्न विभागों में ठेकेदारी करते रहे हैं। करीबियों के कहने पर 2015 के पंचायत चुनाव में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अच्छे खासे मतों से ग्राम प्रधानी चुनाव में जीत दर्ज की। 2021 के पंचायत चुनाव में प्रधानी की बजाय जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में हाथ आजमाया, लेकिन यहां पर उन्हें हार मिली। करीबियों के मुताबिक विपुल को यह हार काफी परेशान कर गई। इसके बाद वह सक्रिय राजनीति में आए और आठ माह पूर्व निषाद पार्टी से टिकट के लिए लखनऊ तक कई बार चक्कर लगाए। काफी जद्दोजहद के बाद टिकट मिला तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ज्ञानपुर सीट पर राजनीतिक पारा कभी नीचे तो कभी ऊपर होता रहा, लेकिन वह अपने मिशन में लगे रहे। एक तरफ चार बार के विधायक विजय मिश्र तो दूसरी तरफ वोट बैंक के दम पर रामकिशोर बिंद अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन मतदाताओं ने पूरा पासा ही पलट दिया। आठ माह पूर्व सक्रिय राजनीति में आए विपुल दूबेे दिग्गजों को मात देकर ज्ञानपुर के विधायक बन गए।
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ज्ञानपुर नगर से सटे मिल्की गांव निवासी विपुल दूबे मूल रूप से कारोबारी हैं। विद्युत निगम सहित विभिन्न विभागों में ठेकेदारी करते रहे हैं। करीबियों के कहने पर 2015 के पंचायत चुनाव में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अच्छे खासे मतों से ग्राम प्रधानी चुनाव में जीत दर्ज की। 2021 के पंचायत चुनाव में प्रधानी की बजाय जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में हाथ आजमाया, लेकिन यहां पर उन्हें हार मिली। करीबियों के मुताबिक विपुल को यह हार काफी परेशान कर गई। इसके बाद वह सक्रिय राजनीति में आए और आठ माह पूर्व निषाद पार्टी से टिकट के लिए लखनऊ तक कई बार चक्कर लगाए। काफी जद्दोजहद के बाद टिकट मिला तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ज्ञानपुर सीट पर राजनीतिक पारा कभी नीचे तो कभी ऊपर होता रहा, लेकिन वह अपने मिशन में लगे रहे। एक तरफ चार बार के विधायक विजय मिश्र तो दूसरी तरफ वोट बैंक के दम पर रामकिशोर बिंद अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन मतदाताओं ने पूरा पासा ही पलट दिया। आठ माह पूर्व सक्रिय राजनीति में आए विपुल दूबेे दिग्गजों को मात देकर ज्ञानपुर के विधायक बन गए।
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