{"_id":"604f63d88ebc3ee63965e2ff","slug":"villagers-reduced-traffic-by-five-bhadohi-news-vns5799730184","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने पांच घटे किया चक्काजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने पांच घटे किया चक्काजाम
विज्ञापन
सुरियावां के अभियां- मीरगंज मार्ग पर चक्काजाम करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : BHADOHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुरियावां। वरुणा नदी पर करोड़ों की लागत से बनकर तैयार पं.दीनदयाल पुल का लोकार्पण न होने और दोनों जिलों को जोड़ने वाली सड़क क्षतिग्रस्त होने से नाराज ग्रामीणों ने जौनपुर की सीमा पर चक्काजाम कर दिया। लगभग पांच घंटे तक चले चक्काजाम से आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर दोनों जिले की पुलिस मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाबुझा कर चक्काजाम समाप्त कराया।
इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की उपेक्षा पर नाराजगी जताई। कहा कि जनप्रतिनिधि अपने वादे को पूरा कराते हैं न ही सरकार। लोक निर्माण विभाग जितना दाम-उतना काम करके शांत हो जाता है। उत्तरी क्षेत्र के लगभग दो सौ गांव और जौनपुर के तटवर्ती गांवों को जोड़ने के लिए एक दशक पूर्व बनाई गई सड़कें दम तोड़ रही हैं। नवीनीकरण से लेकर मरम्मत के नाम पर अब तक 60 से 70 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिया गया लेकिन सड़कों की हालत नहीं सुधरी। जनप्रतिनिधि कभी शिलान्यास, लोकार्पण, उद्घाटन, भूमि पूजन कर सुर्खियों में बने रहते हैं। गत वर्ष नदी पर पुल बना तो लोकार्पण होने से पहले ही मानकों की अनदेखियों की कहानी बया कर रहा है।
कहा कि पुल के दोनों छोर को जोड़ने वाले स्थान पर गड्ढे हो गए हैं। अब ग्रामीण उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। चक्काजाम से सुरियावां-अभिया-मीरंगज, जंघई-मीरगंज, जंघई-कटवार, जौनपुर-भदोही के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। चक्काजाम करने वालों में समाजसेवी जग सिंह, मेवालाल, चंदा सिंह, सुनील कुमार, दिनेश कुमार, धर्मराज, अनिल, राजू प्रजापति, भानुप्रताप, शीतला सागर, सुरेंद्र आदि थे।
विज्ञापन
इस संबंध में एक्सईएन लोक निर्माण विभाग हीरामणि वर्मा ने बताया कि बजट न होने के कारण सड़क नहीं बन पा रही हैं। नये सत्र में बजट मिलने पर अपनी सीमा तक सड़क को ठीक करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की उपेक्षा पर नाराजगी जताई। कहा कि जनप्रतिनिधि अपने वादे को पूरा कराते हैं न ही सरकार। लोक निर्माण विभाग जितना दाम-उतना काम करके शांत हो जाता है। उत्तरी क्षेत्र के लगभग दो सौ गांव और जौनपुर के तटवर्ती गांवों को जोड़ने के लिए एक दशक पूर्व बनाई गई सड़कें दम तोड़ रही हैं। नवीनीकरण से लेकर मरम्मत के नाम पर अब तक 60 से 70 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिया गया लेकिन सड़कों की हालत नहीं सुधरी। जनप्रतिनिधि कभी शिलान्यास, लोकार्पण, उद्घाटन, भूमि पूजन कर सुर्खियों में बने रहते हैं। गत वर्ष नदी पर पुल बना तो लोकार्पण होने से पहले ही मानकों की अनदेखियों की कहानी बया कर रहा है।
विज्ञापन
कहा कि पुल के दोनों छोर को जोड़ने वाले स्थान पर गड्ढे हो गए हैं। अब ग्रामीण उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। चक्काजाम से सुरियावां-अभिया-मीरंगज, जंघई-मीरगंज, जंघई-कटवार, जौनपुर-भदोही के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। चक्काजाम करने वालों में समाजसेवी जग सिंह, मेवालाल, चंदा सिंह, सुनील कुमार, दिनेश कुमार, धर्मराज, अनिल, राजू प्रजापति, भानुप्रताप, शीतला सागर, सुरेंद्र आदि थे।
विज्ञापन
इस संबंध में एक्सईएन लोक निर्माण विभाग हीरामणि वर्मा ने बताया कि बजट न होने के कारण सड़क नहीं बन पा रही हैं। नये सत्र में बजट मिलने पर अपनी सीमा तक सड़क को ठीक करा दिया जाएगा।