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फर्जीवाड़े में फंसा 739 छात्राओं का विद्याधन
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:17 AM IST
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2016-17 के कन्या विद्याधन के आवेदन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रधानाचार्यों ने कुछ छात्राओं को लाभ पहुंचाने के लिए उनकी जाति और वर्ग ही बदल दिया। विभागीय स्तर पर सत्यापन में सामान्य और ओबीसी वर्ग की 35 छात्राओं को मेरिट में शामिल करने के लिए एससी बनाने का खुलासा हुआ है। मामले को संज्ञान में लेते हुए विभाग ने सभी 739 छात्राओं के विद्याधन चेक वितरण पर रोक लगा दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से मेधावी छात्राओं के लिए कन्या विद्याधन योजना चलाई जा रही है। इसके तहत छात्राओं को 30 हजार का चेक दिया जाता है। इस साल जिले में 939 छात्राओं को चेक मिलना है। मेरिट के आधार पर बनाई गई सूची में जिले के 159 में 80 विद्यालय शामिल किए गए हैं। पूर्व में विद्याधन की राशि छात्राओं के खाते में जाने का प्रावधान बनाया गया था, लेकिन शासन के निर्देश पर बाद में चेक वितरण का खाका तैयार किया गया।
चेक वितरण का खाका तैयार होने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों से मंगाए गए कन्या विद्याधन के फार्म का सत्यापन शुरू किया। सत्यापन के दौरान आवेदनों में की गई धांधली सामने आने लगी। विभागीय स्तर पर 35 छात्राओं के फार्म में गड़बड़ी पकड़ी गई है। विद्याधन का लाभ दिलाने के लिए प्रधानाचार्यों ने सामान्य और ओबीसी वर्ग की 35 छात्राओं को एससी बना दिया गया है। गड़बड़ी मिलने के बाद विभागीय स्तर पर चेक वितरण पर रोक लगा दी गई है। सभी खामियां वित्तविहीन स्कूलों से भेजे गए फार्मों में पकड़ी गई हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से मेधावी छात्राओं के लिए कन्या विद्याधन योजना चलाई जा रही है। इसके तहत छात्राओं को 30 हजार का चेक दिया जाता है। इस साल जिले में 939 छात्राओं को चेक मिलना है। मेरिट के आधार पर बनाई गई सूची में जिले के 159 में 80 विद्यालय शामिल किए गए हैं। पूर्व में विद्याधन की राशि छात्राओं के खाते में जाने का प्रावधान बनाया गया था, लेकिन शासन के निर्देश पर बाद में चेक वितरण का खाका तैयार किया गया।
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चेक वितरण का खाका तैयार होने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों से मंगाए गए कन्या विद्याधन के फार्म का सत्यापन शुरू किया। सत्यापन के दौरान आवेदनों में की गई धांधली सामने आने लगी। विभागीय स्तर पर 35 छात्राओं के फार्म में गड़बड़ी पकड़ी गई है। विद्याधन का लाभ दिलाने के लिए प्रधानाचार्यों ने सामान्य और ओबीसी वर्ग की 35 छात्राओं को एससी बना दिया गया है। गड़बड़ी मिलने के बाद विभागीय स्तर पर चेक वितरण पर रोक लगा दी गई है। सभी खामियां वित्तविहीन स्कूलों से भेजे गए फार्मों में पकड़ी गई हैं।
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