पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड: छेड़खानी की पीड़िता व मां को अपशब्द बोलेने पर कार्रवाई, लापरवाही पर एसपी सख्त
कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन उपनिरीक्षकों समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। किशोरी से छेड़खानी के मामले में पीड़िता और उसकी मां को अपशब्द कहने वाले उपनिरीक्षक पर भी कार्रवाई हुई है। एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्षों को अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के कार्यों पर नजर रखने और लापरवाही मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
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पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने सोमवार को कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता व भ्रष्ट आचरण मिलने पर तीन उप निरीक्षक और दो पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने की हिदायत दी। वहीं अधीनस्थ कर्मियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने का निर्देश दिया।
सदर कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक श्याम नारायण यादव के द्वारा एक गांव की किशोरी के साथ छेड़खानी के मामले में लिखित शिकायत मिलने के बाद भी उपनिरीक्षक द्वारा शिथिलता बरती गई। वहीं पीड़िता व उसकी मां को अपशब्द भी कहा गया। जांच के बाद शिकायत सही मिलने पर उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया।
इसी तरह औराई कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक विष्णुकांत मिश्रा ने विवेचनाओं के निस्तारण एवं लंबित विवेचनाओं के संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का अपेक्षित अनुपालन नहीं किया। वहीं चौरी थाने में तैनात उप निरीक्षक महेंद्र राम ने पंजीकृत मुकदमे में अपहृता की तलाश एवं आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में प्रभावी विवेचनात्मक कार्रवाई और संवेदनशीलता न काम नहीं किया। इन सभी की कार्यप्रणाली की जांच भी कराई गई थी, इसमें यह हर मामले में लापरवाह पाए गए।
वहीं ऊंज थाने में तैनात मुख्य आरक्षी नगेंद्र कुमार गौतम व आरक्षी सुनील कुमार का इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो क्लिप प्रसारित हुई थी। इसमें दोनों जमीन के प्रकरण में अवैध तरीके से हस्तक्षेप करते दिखाए गए थे। दोनों की जांच की गई तो इनकी संलिप्तता मिली। जिसके बाद एसपी ने इन सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
एसपी ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्यूटी में लापरवाही, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, विवेचनाओं में शिथिलता या पद का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध निलंबन के साथ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।