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सड़क पर दौड़ रहे अनफिट वाहन, खतरे में मासूम
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ज्ञानपुर। स्कूली वाहनों के लिए अभिभावकों से मोटी फीस लेने के बाद भी कान्वेंट स्कूल संचालक बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। बच्चों को स्कूल लाने ले जाने के लिए कई अनफिट वाहन भी काम में लिए जा रहे हैं। इसमें कई छोटे वाहन भी हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इसमें अब 164 स्कूली वाहनों स्वामियों ने फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं लिया है।
जिले में संचालित हो रहे निजी स्कूलों में लगे 418 छोटे-बड़े वाहन एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। इसमें मिनी बस, बस व मैजिक शामिल हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इसमें अब 164 स्कूली वाहन स्वामियों ने फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं लिया है। नियम के मुताबिक आठ से कम सवारी वाले वाहनों को स्कूलों के बच्चों को ढोने के लिए लगाए जाने पर प्रतिबंध है। लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए छोटे वाहनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा। इससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। अनफिट वाहनों में बच्चों को ढोने से आये दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। स्कूल प्रबंधन से लेकर वाहन संचालक तक गाड़ियों की फिटनेस को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ कई स्कूली वाहनों में भूसे की तरह बच्चों को ठूंसकर स्कूल ले जाया और लाया जाता है। जबकि विभाग की ओर से इन स्कूली वाहन के संचालकों को फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के लिए नोटिस भी भेजा जा चुका है। ऐसे लापरवाह संचालकों के प्रति विभाग ने कड़ा रुख अपनाने की तैयारी कर ली है। विभाग सभी 164 अनफिट स्कूली वाहनों का परमिट निलंबन की तैयारी कर रहा है। विभागीय अधिकारी के अनुसार परमिट निलंबन के बाद भी फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं लेने पर वाहन का पंजीयन को रद कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति वाहन किसी भी दशा में सड़क पर नहीं चल पाएंगे।
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जिले में संचालित हो रहे निजी स्कूलों में लगे 418 छोटे-बड़े वाहन एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। इसमें मिनी बस, बस व मैजिक शामिल हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इसमें अब 164 स्कूली वाहन स्वामियों ने फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं लिया है। नियम के मुताबिक आठ से कम सवारी वाले वाहनों को स्कूलों के बच्चों को ढोने के लिए लगाए जाने पर प्रतिबंध है। लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए छोटे वाहनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा। इससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। अनफिट वाहनों में बच्चों को ढोने से आये दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। स्कूल प्रबंधन से लेकर वाहन संचालक तक गाड़ियों की फिटनेस को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ कई स्कूली वाहनों में भूसे की तरह बच्चों को ठूंसकर स्कूल ले जाया और लाया जाता है। जबकि विभाग की ओर से इन स्कूली वाहन के संचालकों को फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के लिए नोटिस भी भेजा जा चुका है। ऐसे लापरवाह संचालकों के प्रति विभाग ने कड़ा रुख अपनाने की तैयारी कर ली है। विभाग सभी 164 अनफिट स्कूली वाहनों का परमिट निलंबन की तैयारी कर रहा है। विभागीय अधिकारी के अनुसार परमिट निलंबन के बाद भी फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं लेने पर वाहन का पंजीयन को रद कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति वाहन किसी भी दशा में सड़क पर नहीं चल पाएंगे।
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