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कोहरे में खतरनाक बनीं अधूरी परियोजनाएं
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जिले के मध्य निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूरा न होने से कोहरे में राहगीरों समेत वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। करीब तीन साल बाद भी न हाईवे के खुले नाले ढंके जा सके हैं और न ही रेलवे स्टेशन और हाल्ट पहुंचाने वाली सड़कों की बदहाल स्थिति में बदलाव हो सका है। इससे आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।
अधर में लटकी परियोजनाएं बढ़ती ठंड के साथ ही कोहरे में खतरनाक होती जा रही हैं। हाईवे का लाभ उठा रहे बाइक चालक कमलेश कुमार ने बताया कि छह वर्ष पहले फोर लेन को सिक्स लेन का स्वरूप देने के लिए राजमार्ग प्राधिकरण ने हंडिया-राजातालाब खंड पर लगभग 2400 करोड़ रुपये खर्च कर दिया, लेकिन खुले नाले को ढंकने की ओर अब तक ध्यान नहीं दिया गया। खुले नाले खतरनाक होते जा रहे हैं। उमाशंकर बिंद, पवन बिंद, शिवकुमार ने बताया कि बाइक से चलने पर इस बात की चिंता लगी रहती है कि ठंड से हाथ डगमगाने पर वाहन अनियंत्रित होकर खुले नाला की तरफ जा सकता है। अशोक बिंद, कैलाशनाथ, रवि कुमार ने कहा कि पूर्व के दिनों में कई बाइक चालक और दूरदराज क्षेत्रों से सब्जी समेत खाद्य सामानों को लेकर आने वाले बड़े वाहनों का संतुलन बिगड़ने पर नाले में ही पलटते रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति पूर्वोत्तर रेलवे के जंगीगंज, अहिमनपुर, सरायजगदीश हाल्ट, ज्ञानपुर रोड, माधोसिंह, कटका, अलमऊ हाल्ट रोड की है। यात्रा करने वालों में शामिल विनोद, सुशील सिंह, इश्तियाक ने बताया कि रेल प्रशासन बनारस-रामबाग रेल खंड को दोहरीकरण योजना में शामिल कर अब तक लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, जिसका लाभ यात्रियों को नहीं मिल रहा है। स्टेशन और हाल्ट पहुंचने वाली सड़कें ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से इतनी खराब हो चुकी हैं कि आवागमन के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है। यात्री मंगल प्रसाद, सूरज, पवन कुमार, अतुल कुमार ने एनएचएआई और रेल प्रशासन से खुले नालों को ढंकने, खराब स्टेशन रोड की सड़कों को दशा सुधारने की मांग की।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक एके राय ने कहा कि मेंटेनेंस अनुभाग की रिपोर्ट पर खुले नालों के पास सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। स्टेशन, हाल्ट तक खराब हुई सड़कों के संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी वाराणसी मंडल अशोक कुमार ने बताया कि ब्लॉक सेक्शन स्तर पर दोहरीकरण का कार्य पूरा होते ही सड़कों की स्थिति में सुधार दिखेगा।
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अधर में लटकी परियोजनाएं बढ़ती ठंड के साथ ही कोहरे में खतरनाक होती जा रही हैं। हाईवे का लाभ उठा रहे बाइक चालक कमलेश कुमार ने बताया कि छह वर्ष पहले फोर लेन को सिक्स लेन का स्वरूप देने के लिए राजमार्ग प्राधिकरण ने हंडिया-राजातालाब खंड पर लगभग 2400 करोड़ रुपये खर्च कर दिया, लेकिन खुले नाले को ढंकने की ओर अब तक ध्यान नहीं दिया गया। खुले नाले खतरनाक होते जा रहे हैं। उमाशंकर बिंद, पवन बिंद, शिवकुमार ने बताया कि बाइक से चलने पर इस बात की चिंता लगी रहती है कि ठंड से हाथ डगमगाने पर वाहन अनियंत्रित होकर खुले नाला की तरफ जा सकता है। अशोक बिंद, कैलाशनाथ, रवि कुमार ने कहा कि पूर्व के दिनों में कई बाइक चालक और दूरदराज क्षेत्रों से सब्जी समेत खाद्य सामानों को लेकर आने वाले बड़े वाहनों का संतुलन बिगड़ने पर नाले में ही पलटते रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति पूर्वोत्तर रेलवे के जंगीगंज, अहिमनपुर, सरायजगदीश हाल्ट, ज्ञानपुर रोड, माधोसिंह, कटका, अलमऊ हाल्ट रोड की है। यात्रा करने वालों में शामिल विनोद, सुशील सिंह, इश्तियाक ने बताया कि रेल प्रशासन बनारस-रामबाग रेल खंड को दोहरीकरण योजना में शामिल कर अब तक लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, जिसका लाभ यात्रियों को नहीं मिल रहा है। स्टेशन और हाल्ट पहुंचने वाली सड़कें ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से इतनी खराब हो चुकी हैं कि आवागमन के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है। यात्री मंगल प्रसाद, सूरज, पवन कुमार, अतुल कुमार ने एनएचएआई और रेल प्रशासन से खुले नालों को ढंकने, खराब स्टेशन रोड की सड़कों को दशा सुधारने की मांग की।
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एनएचएआई के परियोजना निदेशक एके राय ने कहा कि मेंटेनेंस अनुभाग की रिपोर्ट पर खुले नालों के पास सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। स्टेशन, हाल्ट तक खराब हुई सड़कों के संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी वाराणसी मंडल अशोक कुमार ने बताया कि ब्लॉक सेक्शन स्तर पर दोहरीकरण का कार्य पूरा होते ही सड़कों की स्थिति में सुधार दिखेगा।
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