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दो हजार आयकरदाताओं ने लौटाए 45 लाख, 527 को नोटिस
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तथ्य छिपाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले दो हजार आयकरदाताओं ने सख्ती के बाद करीब 45 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा कर दिया है। हालांकि अब भी 527 ने रकम नहीं लौटाई है। विभाग अब ऐसे लोगों का नाम सार्वजनिक करेगा। जून के अंत तक गांव में नोटिस चस्पा कर सभी का नाम सार्वजनिक किया जाएगा।
कर्ज के बोझ से दबे और आत्महत्या कर रहे किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में किसानों को सम्मान निधि के रूप में छह हजार रुपये वार्षिक देने की व्यवस्था की गई है। यह धनराशि किसानों को तीन किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त दिसंबर 2018 से शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। शुरूआत में एक लाख 41 हजार लोगों ने योजना का लाभ लिया, लेकिन मार्च 2022 तक यह संख्या बढ़कर दो लाख 26 हजार तक पहुंच गई। वर्ष 2021 में विभागीय सत्यापन में 2527 ऐसे लाभार्थी मिले जो आयकरदाता थे। इन लोगों ने तथ्य छिपाकर योजना के तहत पांच से छह किस्त ले लिए थे। विभागीय स्तर से इनकी किस्त रोक कर सरकारी रकम जमा करने का निर्देश दिया गया। करीब आधा दर्जन अपात्र लोगों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद दो हजार आयकरदाताओं ने 45 लाख रुपये वापस कर दिया है। अब भी 527 आयकरदाताओं ने दो नोटिस जारी होने के बावजूद सम्मान निधि का प्राप्त हुई धनराशि नहीं लौटाई है। अब तीसरा नोटिस उनके पास भेजने के साथ ही गांव में चस्पा करने की तैयारी है। उप निदेशक कृषि अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि जिले के 2527 आयकरदाता यानि अपा लोगों ने 60 लाख रुपये से अधिक सम्मान निधि की रकम ले ली थी। विभागीय सख्ती के बाद दो हजार अपात्र लोगों ने 45 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा कर दिया है। सरकारी धनराशि नहीं जमा करने वाले 527 आयकरदाताओं के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले अपा लोगों के बारे में वस्तुस्थिति 30 जून तक साफ हो जाएगी। आधार नंबर लिंक कराने में ढाई हजार आयकरदाता पकड़ में आ चुके हैं, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में अपात्र योजना का लाभ ले रहे हैं। शासन के निर्देश पर ई-केवाईसी कराने के साथ ही विभाग एक-एक गांव में लाभार्थियों का सत्यापन करा रहा है। उप निदेशक कृषि ने बताया कि 30 जून तक सत्यापन पूर्ण होने पर अपा लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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कर्ज के बोझ से दबे और आत्महत्या कर रहे किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में किसानों को सम्मान निधि के रूप में छह हजार रुपये वार्षिक देने की व्यवस्था की गई है। यह धनराशि किसानों को तीन किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त दिसंबर 2018 से शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। शुरूआत में एक लाख 41 हजार लोगों ने योजना का लाभ लिया, लेकिन मार्च 2022 तक यह संख्या बढ़कर दो लाख 26 हजार तक पहुंच गई। वर्ष 2021 में विभागीय सत्यापन में 2527 ऐसे लाभार्थी मिले जो आयकरदाता थे। इन लोगों ने तथ्य छिपाकर योजना के तहत पांच से छह किस्त ले लिए थे। विभागीय स्तर से इनकी किस्त रोक कर सरकारी रकम जमा करने का निर्देश दिया गया। करीब आधा दर्जन अपात्र लोगों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद दो हजार आयकरदाताओं ने 45 लाख रुपये वापस कर दिया है। अब भी 527 आयकरदाताओं ने दो नोटिस जारी होने के बावजूद सम्मान निधि का प्राप्त हुई धनराशि नहीं लौटाई है। अब तीसरा नोटिस उनके पास भेजने के साथ ही गांव में चस्पा करने की तैयारी है। उप निदेशक कृषि अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि जिले के 2527 आयकरदाता यानि अपा लोगों ने 60 लाख रुपये से अधिक सम्मान निधि की रकम ले ली थी। विभागीय सख्ती के बाद दो हजार अपात्र लोगों ने 45 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा कर दिया है। सरकारी धनराशि नहीं जमा करने वाले 527 आयकरदाताओं के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले अपा लोगों के बारे में वस्तुस्थिति 30 जून तक साफ हो जाएगी। आधार नंबर लिंक कराने में ढाई हजार आयकरदाता पकड़ में आ चुके हैं, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में अपात्र योजना का लाभ ले रहे हैं। शासन के निर्देश पर ई-केवाईसी कराने के साथ ही विभाग एक-एक गांव में लाभार्थियों का सत्यापन करा रहा है। उप निदेशक कृषि ने बताया कि 30 जून तक सत्यापन पूर्ण होने पर अपा लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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