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UP: फर्जी व्हाट्एस ग्रुप और वेबसाइट बनाकर ठगने वाले दो शातिर अरेस्ट, बैंककर्मी से लूटे थे 22 लाख; भेजे गए जेल

Sun, 06 Jul 2025 06:37 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 06 Jul 2025 06:37 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के ज्ञानपुर जिले की साइबर सेल टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। उनके पास से दो आधार कार्ड, एक-एक पैन कार्ड और क्रेडिट कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास के बारे में भी पता कर रही है।

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Two fraudsters arrested for creating fake WhatsApp groups and websites, looted 22 lakh from bank employee
पुलिस की गिरफ्त में शातिर ठग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Bhadohi News: ज्ञानपुर जिले की साइबर सेल टीम ने रविवार को सिंहपुर नहर पुलिया के पास से दो शातिर ठग को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन मोबाइल, 1200 रुपये, दो आधार कार्ड, एक-एक पैन कार्ड और क्रेडिट कार्ड बरामद किया। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेजा गया।

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प्रयागराज के कर्नलगंज निवासी शिशिर कुमार साहू एसबीआई ज्ञानपुर के कर्मचारी हैं। बीते 18 मार्च 2025 को तहरीर दी थी कि कुछ अज्ञात लोग उनके वाट्सअप पर ट्रेडिंग स्टॉक रीलेटेड मैसेज भेज कर फर्जी शेयर बेच 22 लाख 79 हजार की ठगी कर लिए। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु कर दिया।
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रविवार को मुखबीर की सूचना पर साइबर टीम ने सिंहपुर नहर पुलिया से शातिर ठग आकाश जायसवाल निवासी वाराणसी रोड कौड़ीराम, बांसगांव (गोरखपुर) और निखिल मिश्रा निवासी चौरीचौरा तेंदुआ खुर्द (गोरखपुर) को गिरफ्तार कर लिया। 

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ऐसे करते थे ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोग व्हाट्सएप हैक करते हैं। उसके बाद कुछ फर्जी व्हाट्सएप नंबर बनाते और कुछ वर्चुअल नंबर भी एड करते। व्हाट्एस ग्रुप बनाकर भोले-भाले लोगों को फर्जी शेयर ट्रेडिंग का वेबसाइट बनाकर कम समय में अत्याधिक मुनाफे का लालच देकर उनके पैसे फ्रॉड कर अपने खाते में जमा करवा लेते।

फर्जी वेबसाइट पर उनके आईडी पर फर्जी मुनाफा दिखाते थे। जब वह व्यक्ति पैसा देना बंद कर देता था तो फर्जी व्हाट्एस ग्रुप और फर्जी वेबसाइट को डिलीट कर उसकी सारी जानकारी नष्ट कर देते। करीब तीन महीने पूर्व एक व्यक्ति से 22 लाख 50 हजार की ठगी की। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेजा गया।

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