भदोही में बचा रेल हादसाः रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन धंसी, रोकी गई चौरीचौरा एक्सप्रेस , ग्रामीणों का आरोप- ट्रैक के नीचे था कुआं
वाराणसी-प्रयागराज रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब ढाई वर्ष पूर्व ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के समीप गोपपुर में एक कुआं रेलवे ट्रैक के बीच में आ रहा था। अधिकारियों ने कुएं में मिट्टी भरवाकर उसके ऊपर से पटरी बिछा दी थी।
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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के समीप गोपपुर गांव में वाराणसी-प्रयागराज रेल खंड के ट्रैक के नीचे की जमीन बृहस्पतिवार को धंस गई। इससे पहले इस ट्रैक से एक मालगाड़ी और एक पैसेंजर ट्रेन गुजर चुकी थी। जानकारी मिलते ही इस रूट से गुजरने वाली चौरी चौरा एक्सप्रेस को घटनास्थल से 100 मीटर पहले ही रोक दिया गया। इससे बड़ा हादसा टल गया।
करीब डेढ़ घंटे बाद चौरी चौरा एक्सप्रेस को अहिमनपुर रेलवे स्टेशन पर वापस ले जाकर पुराने रेलवे ट्रैक से रवाना किया गया। वाराणसी-प्रयागराज रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब ढाई वर्ष पूर्व ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के समीप गोपपुर में एक कुआं रेलवे ट्रैक के बीच में आ रहा था।
अधिकारियों ने कुएं में मिट्टी भरवाकर उसके ऊपर से पटरी बिछा दी थी। बीते दिनों हुई भारी बारिश से कुएं में डाली गई मिट्टी बैठती गई। बृहस्पतिवार को इसी ट्रैक से एक मालगाड़ी और एक पैसेंजर ट्रेन तेज रफ्तार गुजरी थी। ट्रेन गुजरने के थोड़ी ही देर बाद अचानक वहां की जमीन धंस गई।
अधिकारियों ने आनन-फानन में इस रूट से गुजरने वाली चौरी चौरा एक्सप्रेस को घटनास्थल से 100 मीटर पहले रोका। ट्रेन में सफर कर रहे रेलवे के दो जूनियरों इंजीनियर रविशंकर सोनी और विनोद कुमार ने तत्काल हालात की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।
गेटमैन की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
वाराणसी-प्रयागराज रेल मार्ग पर फाटक संख्या 37एसी पर तैनात गेटमैन प्रभात गौतम की समझदारी व सूझबूझ से बृहस्पतिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल गोपपुर के ग्रामीणों ने फाटक संख्या 37 एसी पर तैनात गेटमैन प्रभात को बताया कि गोपपुर के पास रेलवे ट्रैक के नीच पड़ने वाला कुआं पूरी तरह से बैठ चुका है।
किसी समय हादसा हो सकता है। इसके बाद उसने तत्काल इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे सेक्शन इंजीनियर अशोक कुमार सुमन ने गेटमैन की सराहना की। पीआरओ एनईआर अशोक कुमार ने कहा कि गोपपुर में ट्रैक के नीचे कुआं होने की बात गलत है। बारिश से ट्रैक का धंसना मामूली बात है। रेल प्रशासन हर बिंदु की जांच कर रहा है।