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Bhadohi News: लापरवाही का निवाला बनीं तीन जिंदगियां

Tue, 25 Nov 2025 12:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2025 12:54 AM IST
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Three lives lost due to negligence
औराई के उगापुर ​​स्थित कालीन कंपनी में तीन कर्मचारियों की माैत के बाद माैके पर पहुंचे परिजन। सं - फोटो : credit
ज्ञानपुर। औराई के उगापुर स्थित सूर्या कार्पेट कंपनी में सोमवार को हुई तीन कर्मियों की मौत की हृदय विदारक घटना का सबब लापरवाही बनी। डाइंग प्लांट की टंकी में उतरते समय कर्मचारी सेफ्टी ड्रेस नहीं पहने थे। श्रम विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि कर्मचारी अगर सेफ्टी ड्रेस पहने होते तो उनकी जान बच सकती थी। जिले में छोटी-बड़ी कुल 350 कालीन कंपनियां हैं। जहां तैयार होने वाली कालीनों को विभिन्न देशों में निर्यात किया जाता है। मखमली कालीनों को तैयार करने वाली कंपनियों में अक्सर सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं दिया जाता। औराई के उगापुर में हुई घटना तो एक बानगी है। इसके पूर्व भदोही में करीब तीन साल पूर्व एक बुनकर की मौत हो गई थी। उगापुर स्थित कालीन कंपनी में सुरक्षा नियमों को तार-तार किया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि किसी भी प्लांट में कर्मचारी या मजदूर को उतारने से पहले उसे सेफ्टी ड्रेस पहनाया जाता है, जिससे अगर कोई जहरीली गैस निकलती है तो उन्हें बाहर निकलने का मौका मिल जाता है। यहां पर सभी को सामान्य ड्रेस में ही टैंक में उतार दिया गया। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि दूसरी कालीन कंपनियों में भी सुरक्षा मानकों का सत्यापन किया जाएगा। एक को बचाने में चली गई तीन जानें : कालीन कंपनी के डाइंग प्लांट में एक कर्मचारी को बचाने में चार लोग जहरीली गैस के शिकार हो गए। इनमें तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक अस्पताल में भर्ती है। सोमवार को डाइंग प्लांट के सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए कंपनी में कार्यरत रामसूरत यादव उतरे और बेहोश हो गए। उन्हें बचाने के चक्कर में लेखा-जोखा का कार्य देख रहे शीतला प्रसाद मिश्र टैंक में उतरे, वह भी बेहोश हो गए। इसके बाद सुपरविजन का कार्य देख रहे शिवम दुबे उतरे तो वह भी अचेत हो गए। इलेक्टि्रशियन राज किशोर तिवारी साथियों को बचाने के लिए जैसे ही टैंक में जाने लगे वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। उसके बाद एक कर्मी ने हिम्मत जुटाते हुए सेफ्टी बेल्ट और मुंह नाक को बांधकर सभी को टैंक से बाहर निकाला।
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