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दहेज हत्या में पति समेत तीन को कारावास
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ज्ञानपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम की अदालत ने दहेज हत्या के दोषी पति को 10 वर्ष, सास और अजिया ससुर को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई। एक दशक पूर्व ज्ञानपुर के बीरापट्टी गांव में विवाहिता की मौत के मामले में कोर्ट ने निर्णय सुनाया।
घटना के मुताबिक, वादी शेषनाथ तिवारी ने ज्ञानपुर कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी प्रियंका की शादी वीरापट्टी गांव निवासी जोगेंद्र पांडेय के साथ हुई थी। उस समय उसने अपनी हैसियत के हिसाब से दहेज दिया था। शादी के बाद से ही ससुराल के लोग दहेज में एक बाइक, दो तोला सोने की सिकड़ी की मांग करते और बेटी को मानसिक रूप से परेशान करते। बेटी की विदाई कराने गया तो उसने आपबीती बताई। उस दौरान ससुराल वालों ने धमकाया था कि मांग पूरी नहीं की गई तो बेटी को मार डालेंगे। 13 अक्तूबर 2010 को उसकी बेटी के मौत की जानकारी दी गई।
मामले में ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या संग कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेज दिया। जहां गवाहों के बयान दर्ज और दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश मधु डोंगरा की अदालत ने पति जोगेंद्र पांडेय को 10 वर्ष, सास बिंदू देवी, अजिया ससुर स्वामीनाथ पांडेय को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रवेश तिवारी ने किया।
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शराब माफियाओं की जमानत खारिज
ज्ञानपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभारी एफटीसी द्वितीय की अदालत ने अवैध शराब के मामले में दो आरोपियों की जमानत खारिज कर दी। तीन सितंबर 2021 को गोपीगंज थाने की पुलिस ने एक ट्रक शराब पकड़ा था। जिसमें आरोपी शराब माफिया गुरमीत सिंह और मनप्रीत सिंह जिला मोहाली पंजाब को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों ने न्यायालय में बताया कि वह वैध रूप से शराब को उत्तराखंड से भूटान ले जा रहे थे। पुलिस ने जबरिया पकड़ा है। शासकीय अधिक्ता पंकज तिवारी ने तर्क दिया कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब सितंबर माह से पकड़ी गई और आज तक कोई उसे लेने नहीं आया। इसलिए अवैध शराब होने की संभावना प्रबल है। आरोपीगण दूसरे राज्य के निवासी है। ऐसे में जमानत मिलने पर नहीं आएंगे और साक्ष्य से छेड़छाड़ करेंगे। न्यायाधीश मधु डोंगरा की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी।
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घटना के मुताबिक, वादी शेषनाथ तिवारी ने ज्ञानपुर कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी प्रियंका की शादी वीरापट्टी गांव निवासी जोगेंद्र पांडेय के साथ हुई थी। उस समय उसने अपनी हैसियत के हिसाब से दहेज दिया था। शादी के बाद से ही ससुराल के लोग दहेज में एक बाइक, दो तोला सोने की सिकड़ी की मांग करते और बेटी को मानसिक रूप से परेशान करते। बेटी की विदाई कराने गया तो उसने आपबीती बताई। उस दौरान ससुराल वालों ने धमकाया था कि मांग पूरी नहीं की गई तो बेटी को मार डालेंगे। 13 अक्तूबर 2010 को उसकी बेटी के मौत की जानकारी दी गई।
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मामले में ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या संग कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेज दिया। जहां गवाहों के बयान दर्ज और दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश मधु डोंगरा की अदालत ने पति जोगेंद्र पांडेय को 10 वर्ष, सास बिंदू देवी, अजिया ससुर स्वामीनाथ पांडेय को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रवेश तिवारी ने किया।
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शराब माफियाओं की जमानत खारिज
ज्ञानपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभारी एफटीसी द्वितीय की अदालत ने अवैध शराब के मामले में दो आरोपियों की जमानत खारिज कर दी। तीन सितंबर 2021 को गोपीगंज थाने की पुलिस ने एक ट्रक शराब पकड़ा था। जिसमें आरोपी शराब माफिया गुरमीत सिंह और मनप्रीत सिंह जिला मोहाली पंजाब को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों ने न्यायालय में बताया कि वह वैध रूप से शराब को उत्तराखंड से भूटान ले जा रहे थे। पुलिस ने जबरिया पकड़ा है। शासकीय अधिक्ता पंकज तिवारी ने तर्क दिया कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब सितंबर माह से पकड़ी गई और आज तक कोई उसे लेने नहीं आया। इसलिए अवैध शराब होने की संभावना प्रबल है। आरोपीगण दूसरे राज्य के निवासी है। ऐसे में जमानत मिलने पर नहीं आएंगे और साक्ष्य से छेड़छाड़ करेंगे। न्यायाधीश मधु डोंगरा की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी।