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साधन सहकारी समितियों पर खाद नहीं, बढ़ सकती है परेशानी

Sat, 11 Jun 2022 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2022 12:24 AM IST
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There is no fertilizer on the means cooperatives, the problem may increase
खरीफ सीजन की खेती का समय आ गया है। जहां पानी की उपलब्धता है वहां किसान धान की नर्सरी डाल रहे हैं और जहां नर्सरी तैयार है वहां रोपाई की तैयारी हो रही है। वैसे ज्यादातर किसान अभी नर्सरी डालने वाले हैं। नर्सरी डालते समय भी डीएपी खाद की जरूरत होती है। बावजूद इसके जिले के सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं है। जहां हैं भी तो महज कुछ बोरियां। ऐसे में यदि समय रहते खाद का प्रबंध नहीं किया गया तो बीते वर्ष की तरह इस वर्ष भी खाद की किल्लत खड़ी हो सकती है।
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करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ सीजन की खेती करने का लक्ष्य कृषि विभाग ने निर्धारित किया है। इसमें अकेले धान की खेती का रकबा करीब 35 हजार हेक्टेयर है। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि अभी जिनके यहां नलकूप या किसी तरह से पानी का साधन है वे नर्सरी डाल रहे हैं, जिनके यहां नहीं है वे बारिश का इंतजार कर रहे हैं। 16 से 20 जून के बीच मानसून आने की उम्मीद है। जिले में कुल दस हजार टन खाद की जरूरत खरीफ सीजन में होगी। सहकारिता विभाग के अधिकारियों का दावा है कि समय से खाद आ जाएगी।
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