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Bhadohi News: न्यायालय के आदेश पर जांच के लिए दलन छपरा पहुंची टीम
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उच्च न्यायालय के आदेश पर मुरली छपरा ब्लाॅक की ग्राम पंचायत दलन छपरा में छह करोड़ के घोटाले के लगे आरोपों की जांच के लिए शनिवार को टीम पहुंची। इसकी भनक लगते ही ग्रामीण एकत्रित हो गए।
दलन छपरा निवासी अजब नारायण सिंह ने 21 जून 2024 को पंचायत में हुए घोटाले की जांच के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी। 16 जुलाई 2024 को दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। डीपीओ और जेई ने 15 बिंदुओं पर जांच की। अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए छह बार रिमाइंडर दिया लेकिन न देने पर सचिव अरविंद निगम पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश हुआ।
26 दिसंबर 2024 को डीपीआरओ ने उस आदेश को निरस्त कर दिया। घोटाले की जांच न होने से क्षुब्ध अजय नारायण सिंह ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 21 मार्च को उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी को उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया। उसी क्रम में जांच टीम पंचायत में आ धमकी। जांच टीम घंटों एक कमरे में बैठकर अभिलेखों की जांच करती रही। शिकायतकर्ता अजब नारायण सिंह का आरोप था कि जांच अधिकारी भी हीलाहवाली करते हैं।
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यही वजह है कि उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। 291 कार्यों के सापेक्ष लगभग 6 करोड़ का भ्रष्टाचार किया गया है।
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दलन छपरा निवासी अजब नारायण सिंह ने 21 जून 2024 को पंचायत में हुए घोटाले की जांच के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी। 16 जुलाई 2024 को दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। डीपीओ और जेई ने 15 बिंदुओं पर जांच की। अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए छह बार रिमाइंडर दिया लेकिन न देने पर सचिव अरविंद निगम पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश हुआ।
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26 दिसंबर 2024 को डीपीआरओ ने उस आदेश को निरस्त कर दिया। घोटाले की जांच न होने से क्षुब्ध अजय नारायण सिंह ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 21 मार्च को उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी को उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया। उसी क्रम में जांच टीम पंचायत में आ धमकी। जांच टीम घंटों एक कमरे में बैठकर अभिलेखों की जांच करती रही। शिकायतकर्ता अजब नारायण सिंह का आरोप था कि जांच अधिकारी भी हीलाहवाली करते हैं।
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यही वजह है कि उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। 291 कार्यों के सापेक्ष लगभग 6 करोड़ का भ्रष्टाचार किया गया है।