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दो बार जेल जा चुका है वैन का चालक राशिद
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Fri, 29 Jul 2016 01:55 AM IST
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कैयरमऊ में ट्रेन की चपेट में आने वाली स्कूल वैन का चालक राशिद हेरोइन और गांजा बेचने के आरोप में दो बार जेल जा चुका है। क्षेत्र के चकमसूद पियरोपुर गांव में कच्चे मकान में रहने वाला राशिद तकरीबन सात साल से घोसिया स्थित टेंडर हार्ट्स इंग्लिश स्कूल का वैन चला रहा था।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक राशिद 29 सितंबर, 2002 को ढाई सौ ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद 19 अगस्त, 2003 को एक किलो गांजे के साथ औराई पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसके साथ चकमसूद पियरोपुर निवासी इरशाद और सलीम भी जेल भेजे गए थे। बताया जाता है वह कुछ दिन तक खमरिया में अपने ननिहाल में भी रहा है। इसके बाद यह चकमसूद में अपने परिवार के साथ रहने लगा। स्कूल का वाहन चलाने से पहले राशिद पटाखे बनाने के अलावा साइकिल की मरम्मत भी करता था।
अपने घर के बगल में वह 10 बाई 20 फीट का एक कमरा भी बनवा रहा है। स्कूल प्रबंधन सिर्फ यह जानता है कि वह जिंदगी आसान करने के लिए एक दूकान खोलना चाहता है। विद्यालय की प्रबंधक कीर्तन कोकिला के अनुसार, राशिद ने बताया था कि मकान के लिए मेरे ससुर ने एक लाख रुपये की मदद की है। भविष्य में उसमें दूकान डालने की योजना है। जहां तक एक चालक के तौर पर कागजात की वैधानिक शर्तें थीं, उन्हें वह पूरा करता था।
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पुलिस रिकार्ड के मुताबिक राशिद 29 सितंबर, 2002 को ढाई सौ ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद 19 अगस्त, 2003 को एक किलो गांजे के साथ औराई पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उसके साथ चकमसूद पियरोपुर निवासी इरशाद और सलीम भी जेल भेजे गए थे। बताया जाता है वह कुछ दिन तक खमरिया में अपने ननिहाल में भी रहा है। इसके बाद यह चकमसूद में अपने परिवार के साथ रहने लगा। स्कूल का वाहन चलाने से पहले राशिद पटाखे बनाने के अलावा साइकिल की मरम्मत भी करता था।
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अपने घर के बगल में वह 10 बाई 20 फीट का एक कमरा भी बनवा रहा है। स्कूल प्रबंधन सिर्फ यह जानता है कि वह जिंदगी आसान करने के लिए एक दूकान खोलना चाहता है। विद्यालय की प्रबंधक कीर्तन कोकिला के अनुसार, राशिद ने बताया था कि मकान के लिए मेरे ससुर ने एक लाख रुपये की मदद की है। भविष्य में उसमें दूकान डालने की योजना है। जहां तक एक चालक के तौर पर कागजात की वैधानिक शर्तें थीं, उन्हें वह पूरा करता था।
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