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Bhadohi News: हाईवे से जुड़े रास्तों पर गड्ढे ही गड्ढे, बस्ते में मरम्मत
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रोटहा चौराहा से वेदमनपुर जाने वाला जर्जर मार्ग। संवाद
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वाराणसी-भदोही मछलीशहर हाईवे 731 बी से जुड़ी 6 सड़कें बदहाल हैं। 42 गांवों को जोड़ने वाली इन सड़कों पर जगह-जगह बारिश का भरा है। सड़कों पर गड्ढों की भरमार है। इससे 90 हजार की आबादी को आने-जाने में परेशानी हो रही है। बरसात के दिनों में इन मार्गों पर चलना मुश्किल हो गया है। मरम्मत का प्रस्ताव अधिकारियों के बस्ते में है।
चौरी क्षेत्र में कंधिया-अशोगापुर, बरदहा-मई, ब्रह्ममाश्रम-आहोपुर, चौरी-सुरेरी, रोटहा चौराहा-वेदमनपुर, चौरी-बीआरसी मार्ग बदहाल है। कंधिया-अशोगापुर मार्ग 6 गांवों को जोड़ती है। सड़क पर गड्ढों की भरमार है। बाइक सवार अक्सर गिरकर घायल हो जाते हैं। इसी तरह बरदहा-मई मार्ग से 13 गांवों के लोग आते-जाते हैं। इसके अलावा वाराणसी कलिकाधाम के लिए शॉर्टकट रास्ता भी है। इस मार्ग पर हर कदम पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। आए दिन राहगीर गिर कर चोटिल हो रहे हैं। वहीं ब्रह्ममाश्रम-आहोपुर मार्ग पर इंटर काॅलेज और विद्युत उपकेंद्र है। यह रास्ता भी बदहाल है। यहीं हाल चौरी-सुरेरी मार्ग का है जहां हल्की सी बारिश होने पर गड्ढों में पानी भर जाता है। चौरी से ब्लाॅक संसाधन केंद्र के लिए यह रास्ता जाता है। रोटहा चौराहा से वेदमनपुर जाने वाले पिच मार्ग बनाने के बाद मरम्मत कराना विभाग भूल गया है।
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इनसेट:
पांच साल पहले हुई थी सड़कों की मरम्मत
गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सभी सड़कों की पांच साल पहले मरम्मत कराई गई थी। जर्जर सड़कों को लेकर कई बार लोगों ने शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन जिम्मेदार अनभिज्ञ बने हुए हैं। स्थानीय अशोक चौहान, सलीम सिकंदर, धीरज सिंह, प्रदीप यादव ने कहा कि 30 से अधिक गांवों को ये सड़कें जोड़ती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसको लेकर अनभिज्ञ बने हैं।
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सड़क का नाम - लंबाई - गांव की संख्या - प्रभावित आबादी
कंधिया-अशोकापुर मार्ग - दो किमी - छह गांव - 15 हजार
बरदहा-मई मार्ग - चार किमी - 12 गांव - 25 हजार
ब्रम्हाश्रम-अहोपुर मार्ग - दो किमी - सात गांव - 16 हजार
चौरी-सुरेरी मार्ग - दो किमी - आठ गांव - 18 हजार
चौरी-ब्लॉक संसाधन केन्द्र मार्ग - 600 मीटर - पांच गांव - 10 हजार
रोटहां चौराहा-वेदनमनपुर मार्ग - 500 मीटर - चार गांव - पांच हजार
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क्या बोले लोग
चौरी बाजार से ब्लाॅक संसाधन वाला मार्ग निर्माण के बाद से ही मरम्मत नहीं हो सकी है। एक दशक पूर्व इसका निर्माण कराया है। इसी सड़क से हर दिन अधिकारी आते-जाते हैं। - आशीष दुबे, चौरी बाजार।
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बरदहां-मई मार्ग के हर कदम गड्ढे बने हैं। इस मार्ग की मरम्मत तो कराई जाती है, लेकिन दो ही साल में उसकी तस्वीर फिर से बदल जाती है। जिम्मेदारों को नए सिरे से इसका निर्माण कराना चाहिए। - सलीम सिकंदर, बरदहां।
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चौरी-सुरेरी मार्ग को एक साल पहले नए सिरे से सीसी रोड बनाया गया था। अब पहली ही बारिश में सड़क पर पानी भरने लगा है। यह मार्ग जौनपुर को भी जोड़ती है। - दुबरी दुबे, कोल्हण।
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रोटहां चौराहा से वेदमनपुर जाने वाले मार्ग का एक दशक पहले पिच रोड कराया गया था, लेकिन निर्माण अब तक नहीं कराया जा सका है। जिससे पूरी सड़क पर गड्ढे हैं। स्कूली बच्चे समेत हर कोई परेशान होता है। - इम्तियाज अंसारी, वेदनमनपुर।
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वर्जन:
जर्जर मार्गों को जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधीन जो मार्ग है, उसे मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।-- योगेंद्र नारायण, जेई पीडब्ल्यूडी भदोही
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चौरी क्षेत्र में कंधिया-अशोगापुर, बरदहा-मई, ब्रह्ममाश्रम-आहोपुर, चौरी-सुरेरी, रोटहा चौराहा-वेदमनपुर, चौरी-बीआरसी मार्ग बदहाल है। कंधिया-अशोगापुर मार्ग 6 गांवों को जोड़ती है। सड़क पर गड्ढों की भरमार है। बाइक सवार अक्सर गिरकर घायल हो जाते हैं। इसी तरह बरदहा-मई मार्ग से 13 गांवों के लोग आते-जाते हैं। इसके अलावा वाराणसी कलिकाधाम के लिए शॉर्टकट रास्ता भी है। इस मार्ग पर हर कदम पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। आए दिन राहगीर गिर कर चोटिल हो रहे हैं। वहीं ब्रह्ममाश्रम-आहोपुर मार्ग पर इंटर काॅलेज और विद्युत उपकेंद्र है। यह रास्ता भी बदहाल है। यहीं हाल चौरी-सुरेरी मार्ग का है जहां हल्की सी बारिश होने पर गड्ढों में पानी भर जाता है। चौरी से ब्लाॅक संसाधन केंद्र के लिए यह रास्ता जाता है। रोटहा चौराहा से वेदमनपुर जाने वाले पिच मार्ग बनाने के बाद मरम्मत कराना विभाग भूल गया है।
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पांच साल पहले हुई थी सड़कों की मरम्मत
गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सभी सड़कों की पांच साल पहले मरम्मत कराई गई थी। जर्जर सड़कों को लेकर कई बार लोगों ने शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन जिम्मेदार अनभिज्ञ बने हुए हैं। स्थानीय अशोक चौहान, सलीम सिकंदर, धीरज सिंह, प्रदीप यादव ने कहा कि 30 से अधिक गांवों को ये सड़कें जोड़ती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसको लेकर अनभिज्ञ बने हैं।
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सड़क का नाम - लंबाई - गांव की संख्या - प्रभावित आबादी
कंधिया-अशोकापुर मार्ग - दो किमी - छह गांव - 15 हजार
बरदहा-मई मार्ग - चार किमी - 12 गांव - 25 हजार
ब्रम्हाश्रम-अहोपुर मार्ग - दो किमी - सात गांव - 16 हजार
चौरी-सुरेरी मार्ग - दो किमी - आठ गांव - 18 हजार
चौरी-ब्लॉक संसाधन केन्द्र मार्ग - 600 मीटर - पांच गांव - 10 हजार
रोटहां चौराहा-वेदनमनपुर मार्ग - 500 मीटर - चार गांव - पांच हजार
क्या बोले लोग
चौरी बाजार से ब्लाॅक संसाधन वाला मार्ग निर्माण के बाद से ही मरम्मत नहीं हो सकी है। एक दशक पूर्व इसका निर्माण कराया है। इसी सड़क से हर दिन अधिकारी आते-जाते हैं। - आशीष दुबे, चौरी बाजार।
बरदहां-मई मार्ग के हर कदम गड्ढे बने हैं। इस मार्ग की मरम्मत तो कराई जाती है, लेकिन दो ही साल में उसकी तस्वीर फिर से बदल जाती है। जिम्मेदारों को नए सिरे से इसका निर्माण कराना चाहिए। - सलीम सिकंदर, बरदहां।
चौरी-सुरेरी मार्ग को एक साल पहले नए सिरे से सीसी रोड बनाया गया था। अब पहली ही बारिश में सड़क पर पानी भरने लगा है। यह मार्ग जौनपुर को भी जोड़ती है। - दुबरी दुबे, कोल्हण।
रोटहां चौराहा से वेदमनपुर जाने वाले मार्ग का एक दशक पहले पिच रोड कराया गया था, लेकिन निर्माण अब तक नहीं कराया जा सका है। जिससे पूरी सड़क पर गड्ढे हैं। स्कूली बच्चे समेत हर कोई परेशान होता है। - इम्तियाज अंसारी, वेदनमनपुर।
वर्जन:
जर्जर मार्गों को जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधीन जो मार्ग है, उसे मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।