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धरना दे रहे कार्यकर्ता की हार्टअटैक से मौत
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Tue, 07 Apr 2015 12:28 AM IST
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जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुनील उपाध्याय एवं वरिष्ठ कांग्रेसी भगौती प्रसाद उपाध्याय के नेतृत्व में सुरियावां स्टेशन पर कामायनी ठहराव को लेकर चल रहा धरना सोमवार आठवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को धरने में शामिल वरिष्ठ कार्यकर्ता राधेश्याम उपाध्याय की हार्टअटैक से मौत हो गई।
मामले की खबर लगते ही जिलाध्यक्ष दिवंगत नेता के घर जाकर सांत्वना दिया जबकि फोन से प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने शोक जताया।
सुरियावां स्टेशन पर कामायनी एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर पिछले डेढ़ दशक से आंदोलन चल रहा है। आंदोलन के दौरान रेल विभाग के आला अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन खत्म हो जाता था लेकिन ट्रेन का ठहराव नहीं हो सका।
30 मार्च से चल रहे धरने में बेला गांव निवासी राधेश्याम उपाध्याय पिछले तीन दिनों से शामिल हो रहे थे। सोमवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई और बेहोश हो गए।
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कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें सीएचसी सुरियावां लेकर गए जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कांग्रेस नेता की मौत के बाद कार्यकर्ता शव लेकर उनके घर गए। अचानक हुए इस हादसे के बाद कार्यकर्ता भी दुखी हो गए। राधेश्याम उपाध्याय के चचेरे भाई बंकटेश उपाध्याय ने बताया कि तीन दिन पूर्व वह मुंबई से घर आए थे। पार्टी का आंदोलन चल रहा था उसमें शामिल होने के लिए गए थे। वह ह्रदयरोग से पीड़ित थे।
उनका उपचार चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि हार्टअटैक से उनकी मौत हुई है। वहीं सीएचसी सुरियावां के अधीक्षक डा. बीएन सिंह ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जब कार्यकर्ता को लेकर आए तो उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि मौत किन कारणों से हुई। उधर मामले की खबर लगने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. नीलम मिश्रा बेला गांव पहुंचकर परिवार को सांत्वना दिया। प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने भी परिवार को ढाढ़स बंधाया।
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मामले की खबर लगते ही जिलाध्यक्ष दिवंगत नेता के घर जाकर सांत्वना दिया जबकि फोन से प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने शोक जताया।
सुरियावां स्टेशन पर कामायनी एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर पिछले डेढ़ दशक से आंदोलन चल रहा है। आंदोलन के दौरान रेल विभाग के आला अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन खत्म हो जाता था लेकिन ट्रेन का ठहराव नहीं हो सका।
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30 मार्च से चल रहे धरने में बेला गांव निवासी राधेश्याम उपाध्याय पिछले तीन दिनों से शामिल हो रहे थे। सोमवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई और बेहोश हो गए।
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कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें सीएचसी सुरियावां लेकर गए जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कांग्रेस नेता की मौत के बाद कार्यकर्ता शव लेकर उनके घर गए। अचानक हुए इस हादसे के बाद कार्यकर्ता भी दुखी हो गए। राधेश्याम उपाध्याय के चचेरे भाई बंकटेश उपाध्याय ने बताया कि तीन दिन पूर्व वह मुंबई से घर आए थे। पार्टी का आंदोलन चल रहा था उसमें शामिल होने के लिए गए थे। वह ह्रदयरोग से पीड़ित थे।
उनका उपचार चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि हार्टअटैक से उनकी मौत हुई है। वहीं सीएचसी सुरियावां के अधीक्षक डा. बीएन सिंह ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जब कार्यकर्ता को लेकर आए तो उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि मौत किन कारणों से हुई। उधर मामले की खबर लगने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. नीलम मिश्रा बेला गांव पहुंचकर परिवार को सांत्वना दिया। प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने भी परिवार को ढाढ़स बंधाया।