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कैंडल जुलूस से दी श्रद्धांजलि
ब्यूरो ज्ञानपुर अमर उजाला
Updated Sun, 14 Dec 2014 01:47 AM IST
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जवानों को याद करते हुए आतकियों
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के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
व्यापारी राजेश द्विवेदी ने कहा कि देश में बढ़ रही आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए। मुकदमेबाजी के बजाए ऐसे लोगों के खिलाफ त्वरित ठोस कार्रवाई हो।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर की सुरक्षा में शहीदों ने अपने जीवन की कुर्बानी दी, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। ऐसे शहीदों को श्रद्धांजलि देना हरेक देशभक्त का कर्तव्य है।
मालूम हो कि 13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकवादियों ने संसद पर हमला किया था। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए इन आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था।
इस दौरान दिल्ली पुलिस के पांच जवान, सीआरपीएफ की एक महिला कांस्टेबल और संसद के दो गार्ड शहीद हुए थे। 16 जवान इस दौरान मुठभेड़ में घायल भी हुए थे। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने पांचों आतंकियों को मार गिराया था।
व्यापारी राजेश द्विवेदी ने कहा कि देश में बढ़ रही आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए। मुकदमेबाजी के बजाए ऐसे लोगों के खिलाफ त्वरित ठोस कार्रवाई हो।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर की सुरक्षा में शहीदों ने अपने जीवन की कुर्बानी दी, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। ऐसे शहीदों को श्रद्धांजलि देना हरेक देशभक्त का कर्तव्य है।
मालूम हो कि 13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकवादियों ने संसद पर हमला किया था। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए इन आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था।
इस दौरान दिल्ली पुलिस के पांच जवान, सीआरपीएफ की एक महिला कांस्टेबल और संसद के दो गार्ड शहीद हुए थे। 16 जवान इस दौरान मुठभेड़ में घायल भी हुए थे। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने पांचों आतंकियों को मार गिराया था।