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The brick - kiln workers freed 22
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Wed, 08 Apr 2015 02:26 AM IST
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डीएम के आदेश पर भदोही के एसडीएम और सीओ के साथ पहुंची फोर्स ने अफसरों और 22 मजदूरों को मुक्त कराया। मजदूरों का आरोप है कि भट्ठा मालिक मजदूरी और भोजन नहीं देता था। विरोध करने पर पिटाई भी करता था।
कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं के शिकायत करने पर मंगलवार शाम चार बजे सहायक श्रमायुक्त आरके श्रीवास्तव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एमएल पाल, नायब तहसीलदार भदोही विवेकानंद मिश्रा, एसओ सुरियावां जितेंद्र कुमार सिंह पूरे मनोहर गांव में ईंट भट्ठे पर पहुंचे।
आरोप के अनुसार भट्ठा संचालक और उसके सहयोगियों ने असलहा लहराते हुए अफसरों को बंधक बना लिया। टीम के लोगों ने डीएम को जानकारी दी।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम भदोही उमाकांत त्रिपाठी, सीओ भदोही अयोध्या प्रसाद, कोतवाली प्रभारी भदोही अजय कुमार श्रीवास्तव, दुर्गागंज थानाध्यक्ष फोर्स के साथ पहुंचे। इस पर भट्ठा मालिक और उनके सहयोगी फरार हो गए।
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टीम ने छत्तीसगढ़ के जहांगीर चापा जिले के आकाश, रघुनाथ, गंगाराम, सुखदेव, रवि कुमार, अजय, दिनेश, सोहन, शशिकर, तिलेश्वर, नंद कुमार, सुखदेव, केसर, शशिलता, वासदेव, संतराम सहित 22 मजदूरों को मुक्त कराया।
भट्ठे के अभिलेख कब्जे में ले लिए। टीम मजदूरों को सुरियावां थाने ले आई। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। उधर, मजदूरों का आरोप है कि भट्ठा मालिक उनको तीन माह से मजदूरी नहीं दे रहा था। विरोध करने पर पिटाई होती थी। एक वक्त ही खाना दिया जाता था।
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कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं के शिकायत करने पर मंगलवार शाम चार बजे सहायक श्रमायुक्त आरके श्रीवास्तव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एमएल पाल, नायब तहसीलदार भदोही विवेकानंद मिश्रा, एसओ सुरियावां जितेंद्र कुमार सिंह पूरे मनोहर गांव में ईंट भट्ठे पर पहुंचे।
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आरोप के अनुसार भट्ठा संचालक और उसके सहयोगियों ने असलहा लहराते हुए अफसरों को बंधक बना लिया। टीम के लोगों ने डीएम को जानकारी दी।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम भदोही उमाकांत त्रिपाठी, सीओ भदोही अयोध्या प्रसाद, कोतवाली प्रभारी भदोही अजय कुमार श्रीवास्तव, दुर्गागंज थानाध्यक्ष फोर्स के साथ पहुंचे। इस पर भट्ठा मालिक और उनके सहयोगी फरार हो गए।
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टीम ने छत्तीसगढ़ के जहांगीर चापा जिले के आकाश, रघुनाथ, गंगाराम, सुखदेव, रवि कुमार, अजय, दिनेश, सोहन, शशिकर, तिलेश्वर, नंद कुमार, सुखदेव, केसर, शशिलता, वासदेव, संतराम सहित 22 मजदूरों को मुक्त कराया।
भट्ठे के अभिलेख कब्जे में ले लिए। टीम मजदूरों को सुरियावां थाने ले आई। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। उधर, मजदूरों का आरोप है कि भट्ठा मालिक उनको तीन माह से मजदूरी नहीं दे रहा था। विरोध करने पर पिटाई होती थी। एक वक्त ही खाना दिया जाता था।