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प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sat, 30 Jul 2016 02:13 AM IST
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पूर्व मंत्री दीनानाथ भास्कर ने स्कूल वैन चालक की ब्रेनमैपिंग और मनोचिकित्सक से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासन 10 दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं शुरू करेगा तो वह क्रमिक अनशन, बेमियादी अनशन करने के बाद सीबीआई जांच के लिए जनहित याचिका दायर करेंगे। वह शुक्रवार को नगर के एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कैयरमऊ की घटना में ट्रेन चालक, चश्मदीदों के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि आठ बच्चों की मौत के पीछे चालक की साजिश रही। उन्होंने कहा कि राशिद से उनकी कोई निजी दुश्मनी नहीं है। घटना के दिन चालक को आरएसएस के पदाधिकारी योगेश और भाजपा नेता अश्वनी दूबे ने अस्पताल पहुंचाया था। हादसे के दिन जो स्थितियां खुलकर सामने आ रही हैं, वह साजिश की ओर इशारा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली वैन चालक उस दिन ईअरफोन नहीं लगाया था। पूर्व मंत्री ने कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच नहीं की गई तो वह व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे। आशंका जताई कि चालक का एक भाई गोधरा कांड में आरोपी हो सकता है। घटना के चश्मदीद मोहन सिंह और धनेश मिश्र ने बताया कि सोमवार को क्रासिंग के आसपास खड़े वाहन चालकों ने रोकना चाहा, लेकिन वह नहीं रुका।
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उन्होंने कहा कि कैयरमऊ की घटना में ट्रेन चालक, चश्मदीदों के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि आठ बच्चों की मौत के पीछे चालक की साजिश रही। उन्होंने कहा कि राशिद से उनकी कोई निजी दुश्मनी नहीं है। घटना के दिन चालक को आरएसएस के पदाधिकारी योगेश और भाजपा नेता अश्वनी दूबे ने अस्पताल पहुंचाया था। हादसे के दिन जो स्थितियां खुलकर सामने आ रही हैं, वह साजिश की ओर इशारा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली वैन चालक उस दिन ईअरफोन नहीं लगाया था। पूर्व मंत्री ने कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच नहीं की गई तो वह व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे। आशंका जताई कि चालक का एक भाई गोधरा कांड में आरोपी हो सकता है। घटना के चश्मदीद मोहन सिंह और धनेश मिश्र ने बताया कि सोमवार को क्रासिंग के आसपास खड़े वाहन चालकों ने रोकना चाहा, लेकिन वह नहीं रुका।
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