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तहसीलदार ने रोकवाया अतिक्रमण,तनाव व्याप्त
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डीघ के नवधन गांव में निर्माण रोकने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम।
- फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। तहसीलदार ज्ञानपुर देवेंद्र यादव के निर्देश पर बुधवार को राजस्व निरीक्षक राजेंद्र पटेल ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर ग्रामसभा की जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकवा दिया। चेतावनी दी गई कि यदि रोक के बाद भी निर्माण होता पाया गया तो कड़ी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की जाएगी।
ग्रामसभा नवधन की राजमार्ग से जुड़ी लगभग दो सौ बीघे कीमती जमीन पर दर्जनों लोगों ने राजस्व विभाग से आवंटन कराने का दावा किया है, लेकिन तहसील प्रशासन के पास उसकी न तो कोई पत्रावली है और न ही रिकॉर्ड। उक्त जमीनें ग्रामसभा के खाते में दर्ज चली आ रही हैं। गत दिनों ग्राम प्रधान मालती उपाध्याय ने इस प्रकरण को जिला प्रशासन तक पहुंचाया, बावजूद इसके कतिपय लोग कच्चे-पक्के निर्माण, अस्पताल, पेट्रोल पंप, रिहायशी मकानों का निर्माण कराने में लगे रहे। अतिक्रमण हटाने में विफल तहसील प्रशासन से इतर ग्राम प्रधान ने डीएम की अनुमति पर मामले को हाईकोर्ट पहुंचा दिया, जिसमें गत दिनों 80 लोगों को नोटिस जारी कर न्यायालय ने अपना पक्ष रखने कहा था। 17 फरवरी को हुई सुनवाई और पुन: तीन मार्च को पक्ष रखने के निर्देश को ठेंगा दिखाते हुए अतिक्रमणकारियों ने अपनी सक्रियता जारी रखी है। मामला हाईकोर्ट में होने को लेकर तहसील प्रशासन ने दबे पांव अतिक्रमण को रोकवा तो दिया, लेकिन तरह-तरह के सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं।
प्रधान ने लगाई सुरक्षा की गुहार
ज्ञानपुर। ग्राम प्रधान नवधन मालती उपाध्याय ने मंगलवार को जिला प्रशासन को लिखित रूप से जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की थी। बताया कि ग्रामसभा की कीमती जमीन पर हो रहे अतिक्रमण पर भूमाफिया की नजर है। उनके पूरे परिवार को धमकी मिल रही है।
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ग्रामसभा नवधन की राजमार्ग से जुड़ी लगभग दो सौ बीघे कीमती जमीन पर दर्जनों लोगों ने राजस्व विभाग से आवंटन कराने का दावा किया है, लेकिन तहसील प्रशासन के पास उसकी न तो कोई पत्रावली है और न ही रिकॉर्ड। उक्त जमीनें ग्रामसभा के खाते में दर्ज चली आ रही हैं। गत दिनों ग्राम प्रधान मालती उपाध्याय ने इस प्रकरण को जिला प्रशासन तक पहुंचाया, बावजूद इसके कतिपय लोग कच्चे-पक्के निर्माण, अस्पताल, पेट्रोल पंप, रिहायशी मकानों का निर्माण कराने में लगे रहे। अतिक्रमण हटाने में विफल तहसील प्रशासन से इतर ग्राम प्रधान ने डीएम की अनुमति पर मामले को हाईकोर्ट पहुंचा दिया, जिसमें गत दिनों 80 लोगों को नोटिस जारी कर न्यायालय ने अपना पक्ष रखने कहा था। 17 फरवरी को हुई सुनवाई और पुन: तीन मार्च को पक्ष रखने के निर्देश को ठेंगा दिखाते हुए अतिक्रमणकारियों ने अपनी सक्रियता जारी रखी है। मामला हाईकोर्ट में होने को लेकर तहसील प्रशासन ने दबे पांव अतिक्रमण को रोकवा तो दिया, लेकिन तरह-तरह के सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं।
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प्रधान ने लगाई सुरक्षा की गुहार
ज्ञानपुर। ग्राम प्रधान नवधन मालती उपाध्याय ने मंगलवार को जिला प्रशासन को लिखित रूप से जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की थी। बताया कि ग्रामसभा की कीमती जमीन पर हो रहे अतिक्रमण पर भूमाफिया की नजर है। उनके पूरे परिवार को धमकी मिल रही है।
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