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Bhadohi: तहसील फिर हुई दागदार, जमीन की हेराफेरी के आरोप में लेखपाल की गिरफ्तारी, जेल भेजा गया
Thu, 24 Oct 2024 08:51 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Thu, 24 Oct 2024 08:51 PM IST
सार
भदोही के ज्ञानपुर में जमीन की हेराफेरी के आरोप में लेखपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोप है कि लेखपाल ने तीन बीघे जमीन को फर्जी तरीके से पूर्व विधायक के करीबी के नाम करवाने में मदद की थी। लेखपाल का नाम चंद्रभान गुप्ता बताया जा रहा है।
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ज्ञानपुर का आरोपी लेखपाल
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
ज्ञानपुर में गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के अमवामाफी गांव में करीब तीन बीघे जमीन को फर्जी तरीके से पूर्व विधायक के करीबी नंदलाल पांडेय और उनकी पत्नी के नाम कराने के मामले में नामजद लेखपाल चंद्रभान गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया।
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अमवामाफी गांव निवासी मृत्युंजय पांडेय, आशीष पांडेय आदि ने साक्ष्य के साथ गोपीगंज कोतवाली में सात माह पूर्व प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें यह जिक्र किया गया था कि पूर्व विधायक विजय मिश्र के करीबी नंदलाल पांडेय ने अपनी पत्नी के नाम तीन बीघे जमीन का बैनामा करा लिया। पुलिस ने अप्रैल 2024 में नंदलाल पांडेय और उनकी पत्नी कुसुम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
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विवेचना के दौरान लेखपाल चंद्रभान की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ भी धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया। जिसके बाद से ही पुलिस तलाश कर रही थी। बृहस्पतिवार को औराई तहसील के पास से लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया। बताते चलें कि जमीनों की हेराफेरी से जुड़े कई मामलों में चंद्रभान का नाम पहले भी आ चुका है।
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यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व भी औराई तहसील में रिश्वत मांगते एक लेखपाल का वीडियो वायरल हो चुका है। जिसे बाद में भदोही तहसील में ओहदेदार हलका दिया गया। भदोही तहसील में पिछले तीन साल में तीन लेखपाल विजिलेंस एवं एंटी करप्शन के हाथ चढ़ चुके हैं, लेकिन जेल से बाहर आने पर उन पर अफसरों की कृपा बरसने लगती है।
आखिरकार क्या कारण हैं ऐसे लेखपालों पर अफसर मेहरबान हो जाते हैं। पहले भी भ्रष्टाचार करने वाले लेखपालों को मलाईदार हलका सौंपा जा चुका है।