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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   TB molecules will not survive in the investigation

जांच में बच नहीं पाएंगे टीबी के कीटाणु

Wed, 21 Jun 2017 12:42 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/भदोही
ब्यूरो,अमर उजाला/भदोही Updated Wed, 21 Jun 2017 12:42 AM IST
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कालीन नगरी में क्षय (टीबी) रोग की कंप्यूटरीकृत जांच सुविधा उपलब्ध हो गई है। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में शासन से सीबी नेट मशीन लगाई गई है। इसके जरिए चीन एक्सपर्ट टेस्ट कर टीबी मरीजों को चिन्हित किया जाएगा। गंभीर रोग पीड़ितों को टीबी की आशंका पर कंप्यूटर से माइक्रो लेबल जांच की जाएगी। वैसे जिले के 16 केंद्रों पर टीबी जांच की सुविधा है। लेकिन, महराजा बलवंत सिंह अस्पताल भदोही, जिला अस्पताल में माइक्रोस्कोप से जांच व्यवस्था है। इसके अलावा चीन एक्सपर्ट टेस्ट के लिए लगी सीबीनेट मशीन से सुविधा उच्च कोटि की हो गई है।
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   क्षय रोग का फैलाव पीड़ितों के पास रहने से भी होता है। इसलिए इसको लेकर गंभीरता बढ़ती जा रही है। कई स्तर के कीटाणु होने से चपेट में आने का खतरा भी अधिक रहता है। वर्तमान में क्षय रोग विभाग में टीबी के 72 गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है। उनका उपचार एमडीआर के तहत होता है।
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एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस) की चपेट में आने पर टीबी मरीजों को कम से कम दो साल इलाज कराना पड़ता है। जबकि नए रोगियों को कैट वन, इससे गंभीर होने पर कैट टू फार्मूले से इलाज होता है। छह माह की दवा से ठीक न होने पर सीबीनेट टेस्ट होता है। जिले में मई माह में जांच में 222 नए संदिग्ध मरीज मिले हैं, जिनका उपचार शुरू हो गया है।  
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