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Bhadohi News: कागजों में धुलीं टंकियां, नलों से बहा भरोसा

Sat, 27 Jun 2026 01:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 01:28 AM IST
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Tanks washed away in papers, trust flowed from the taps
ज्ञानपुर जीअईसी के सामने पेयजल टंकी। संवाद
ज्ञानपुर। जिले के सात नगर निकायों में स्थापित 19 पेयजल टंकियों की सफाई रामभरोसे है। किसी टंकी की आठ माह से तो किसी की डेढ़ साल से साफ-सफाई नहीं हुई है। बारिश से पहले सफाई न होने पर संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ सकती है। अधिकारियों का दावा है कि फरवरी से मई के बीच टंकियों की सफाई कराई गई, लेकिन संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने इससे इन्कार किया।
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लोगों का कहना है कि टंकियों की सफाई काफी समय से नहीं हुई है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक रहता है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को सात निकायों में स्थित 10 पानी की टंकियों की पड़ताल की। टीम के रिपोर्टर अलग-अलग टंकियों पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत की।
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लोगों ने बताया कि टंकियों की सफाई नहीं की गई है। सफाई कब होती है, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं होती। दूसरी ओर अधिकारियों का दावा है कि फरवरी से मई के बीच टंकियों की सफाई कराई गई थी। टीम ने निकाय प्रशासन से सफाई के दौरान की फोटो आदि मांगीं, लेकिन वे भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं। जबकि वर्तमान में अधिकांश सरकारी कार्यों की जियो टैगिंग की जाती है और उसके फोटो शासन तथा प्रशासन को भेजे जाते हैं।
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नईबाजार, सुरियावां, ज्ञानपुर, खमरिया, घोसिया और गोपीगंज में पानी की टंकियों की स्थिति देखी गई। जिले में सात नगर निकाय हैं, जिनमें भदोही और गोपीगंज नगर पालिका तथा ज्ञानपुर, नई बाजार, सुरियावां, खमरिया और घोसिया नगर पंचायत शामिल हैं। इन निकायों में करीब साढ़े तीन लाख की आबादी निवास करती है। गोपीगंज और भदोही में छह-छह, ज्ञानपुर और सुरियावां में दो-दो तथा खमरिया, नई बाजार और घोसिया में एक-एक पानी की टंकी स्थापित है।
सफाईकर्मी ही करते हैं सफाई
निकायों की टंकियों की साफ-सफाई नगर के सफाईकर्मी ही करते हैं। पहले टंकियों को खाली कराया जाता है। इसके बाद उनमें ब्लीचिंग पाउडर आदि डालकर सफाई की जाती है और फिर दोबारा पानी भरा जाता है। सालभर में एक से दो बार टंकियों की सफाई आवश्यक बताई जाती है।
क्या बोले नागरिक
गोपीगंज नगर में चार पेयजल टंकियां स्थापित हैं। इनकी सफाई कब हुई, इसकी जानकारी नहीं है। नलों से दुर्गंधयुक्त और मटमैले पानी की आपूर्ति होती है, जिससे संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका रहती है। - परवेज, वार्ड 12, गोपीगंज
कभी-कभार ब्लीचिंग पाउडर की गंध आती है, लेकिन टंकी की सफाई को लेकर कोई जानकारी नहीं है। कई वार्डों में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिलती हैं। - सोनू, वार्ड 12, गोपीगंज
निकाय में टंकियों की सफाई के नाम पर केवल कोरमपूर्ति की जाती है। किसी भी टंकी की सफाई नहीं हुई है। वार्डों में प्रदूषित पानी से आम जनता परेशान है। - सुरेश साहू, नई बाजार

पानी की टंकी की सफाई नहीं की गई है। अधिकारी कागजों पर सफाई दिखाते हैं। सफाई कब होती है, यह हम लोगों ने नहीं देखा। टंकी का दूषित पानी पीने को लोग मजबूर हैं। - राजीव मोदनवाल, नई बाजार

सभी निकायों में समय-समय पर टंकियों की सफाई कराई जाती है। बारिश से पहले इसकी रिपोर्ट निकायों से मांगी गई है। - शुभांगी शुक्ला, एडीएम एवं नोडल निकाय
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