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Bhadohi News: जिला कारागार में पांच कैदियों में टीबी, एड्स व हेपेटाइटिस-सी के लक्षण
Fri, 15 Dec 2023 12:31 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भदोही
संवाद न्यूज एजेंसी, भदोही
Updated Fri, 15 Dec 2023 12:31 AM IST
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ज्ञानपुर। जिला कारागार के कैदियों में टीबी, एड्स और हेपेटाइटिस-सी के लक्षण मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए शिविर में पांच कैदियों में अलग-अलग बीमारियों के लक्षण मिले हैं। जिसमें दो एड्स, दो टीबी और एक हेपेटाइटिस सी के मरीज हैं। हालांकि इन सबके सैंपल अभी जांच के लिए भेजे गए हैं। एहतियात के तौर पर टीबी मरीजों को अलग बैरक में रखा गया है।
जिला कारागार में इस समय 425 कैदी हैं। शासन की ओर से कैदियों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए अलग-अलग अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा समय-समय पर इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीते आठ दिसंबर को इंटीग्रेटेड एसटीआई, एचआईवी, टीबी और हेपेटाइटिस को लेकर कैंपेन के तहत जिला कारागार में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जिसमें कारागार के सभी 425 कैदियों की हेपेटाइटिस बी-सी, एचआईवी, टीबी और डेंगू की जांच की गई। शासन के निर्देश पर लगाए गए इस शिविर में ज्यादातर कैदी स्वस्थ मिले, लेकिन पांच कैदियों में हेपेटाइटिस सी, टीबी और एड्स बीमारी के लक्षण पाए गए। कैंपेन के नोडल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओपी शुक्ला ने बताया कि जांच के दौरान जिला कारागार के दो मरीजों में टीबी, दो में एड्स और एक में हेपेटाइटिस सी का लक्षण मिला। जिसके बाद सभी का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। जिसमें टीबी और एड्स के सैंपल को वाराणसी जांच के लिए भेजा गया है। आगामी तीन-चार दिनों में रिपोर्ट भी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि एड्स और हेपेटाइटिस सी ऐसी बीमारी नहीं है, जो किसी के संपर्क में आने पर हो, लेकिन टीबी को लेकर एहतियात बरता जाता है। इसलिए टीबी के दोनों मरीजों को जिला कारागार के अलग बैरक में करा दिया गया है।
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मॉनीटरिंग के टीम गठित करेगी स्वास्थ्य विभाग
नोडल डॉ. ओपी शुक्ला ने बताया कि अभी एड्स और टीबी के मरीजों का सैंपल जांच के लिए गया है। रिपोर्ट अगर पॉजीटिव आती है तो उनकी नियमित निगरानी के लिए टीम गठित की जाएगी। बताया कि यह दोनों ऐसी बीमारियां है कि अगर मरीज की नियमित देखभाल और दवाएं उपलब्ध कराई जाए तो मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो सकता है। इसलिए किसी भी तरह की घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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क्षमता 154 की, रखे गए हैं 425 कैदी
जिला कारागार की क्षमता 154 कैदियों के रखने की है, लेकिन वहां 425 कैदी रखे गए हैं। हालांकि जिला कारागार के मूंसीलाटपुर में 60 एकड़ जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। जहां लगभग 1000 कैदियों के रखने की क्षमता होगी। अत्याधुनिक कारागार में मनोरंजन कक्ष, कॉमन हॉल, हॉस्पिटल, मेस के अलावा अन्य सुविधाएं होगी
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जिला कारागार में जिन कैदियों की रिपोर्ट आई है। उनका रेगुलर इलाज व मॉनीटरिंग चल रहा है। टीबी के दोनों संदिग्धों को अलग बैरक में रखा गया है। जिला कारागार की स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनकी मॉनीटरिंग करती है।
- राजेश वर्मा, जेलर, जिला कारागार।
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जिला कारागार में इस समय 425 कैदी हैं। शासन की ओर से कैदियों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए अलग-अलग अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा समय-समय पर इनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीते आठ दिसंबर को इंटीग्रेटेड एसटीआई, एचआईवी, टीबी और हेपेटाइटिस को लेकर कैंपेन के तहत जिला कारागार में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जिसमें कारागार के सभी 425 कैदियों की हेपेटाइटिस बी-सी, एचआईवी, टीबी और डेंगू की जांच की गई। शासन के निर्देश पर लगाए गए इस शिविर में ज्यादातर कैदी स्वस्थ मिले, लेकिन पांच कैदियों में हेपेटाइटिस सी, टीबी और एड्स बीमारी के लक्षण पाए गए। कैंपेन के नोडल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओपी शुक्ला ने बताया कि जांच के दौरान जिला कारागार के दो मरीजों में टीबी, दो में एड्स और एक में हेपेटाइटिस सी का लक्षण मिला। जिसके बाद सभी का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। जिसमें टीबी और एड्स के सैंपल को वाराणसी जांच के लिए भेजा गया है। आगामी तीन-चार दिनों में रिपोर्ट भी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि एड्स और हेपेटाइटिस सी ऐसी बीमारी नहीं है, जो किसी के संपर्क में आने पर हो, लेकिन टीबी को लेकर एहतियात बरता जाता है। इसलिए टीबी के दोनों मरीजों को जिला कारागार के अलग बैरक में करा दिया गया है।
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मॉनीटरिंग के टीम गठित करेगी स्वास्थ्य विभाग
नोडल डॉ. ओपी शुक्ला ने बताया कि अभी एड्स और टीबी के मरीजों का सैंपल जांच के लिए गया है। रिपोर्ट अगर पॉजीटिव आती है तो उनकी नियमित निगरानी के लिए टीम गठित की जाएगी। बताया कि यह दोनों ऐसी बीमारियां है कि अगर मरीज की नियमित देखभाल और दवाएं उपलब्ध कराई जाए तो मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो सकता है। इसलिए किसी भी तरह की घबराने की आवश्यकता नहीं है।
क्षमता 154 की, रखे गए हैं 425 कैदी
जिला कारागार की क्षमता 154 कैदियों के रखने की है, लेकिन वहां 425 कैदी रखे गए हैं। हालांकि जिला कारागार के मूंसीलाटपुर में 60 एकड़ जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। जहां लगभग 1000 कैदियों के रखने की क्षमता होगी। अत्याधुनिक कारागार में मनोरंजन कक्ष, कॉमन हॉल, हॉस्पिटल, मेस के अलावा अन्य सुविधाएं होगी
जिला कारागार में जिन कैदियों की रिपोर्ट आई है। उनका रेगुलर इलाज व मॉनीटरिंग चल रहा है। टीबी के दोनों संदिग्धों को अलग बैरक में रखा गया है। जिला कारागार की स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनकी मॉनीटरिंग करती है।
- राजेश वर्मा, जेलर, जिला कारागार।