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Bhadohi News: 127 करोड़ से तीन स्थानों पर बनेंगे एसटीपी

Mon, 16 Feb 2026 01:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Feb 2026 01:37 AM IST
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STPs will be built at three locations with a cost of 1.27 billion
बिना एसटीपी के भदोही नगर की सर्वाधिक दूषित मोरवा नदी। स्रोत- संवाद - फोटो : क्रिकेट प्रतियोगिता में मैच के विजेता ​खिलाड़ी।
भदोही। सबकुछ ठीक रहा तो भदोही शहर में तीन एसटीपी का निर्माण शुरू होगा। 127 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण एजेंसी स्थलीय निरीक्षण करने के साथ निर्माण कार्य शुरू कर देगी। इसमें ढाई से तीन महीने का समय लग सकता है। इनके स्थापित होने के बाद शहर में निकल रहे गंदे और रसायनिक पानी को शोधित कर नदियों में छोड़ा जाएगा।
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भदोही शहर के उत्तर में वरुणा और पूरब और दक्षिण में मोरवा नदी बहती है। दोनों नदियों को स्वच्छ रखने के हर संभव प्रयास के बाद भी नदियां हमेशा दूषित रहती हैं। इसका मुख्य कारण भदोही का कालीन उद्योग है। कालीन उद्योग में प्रयुक्त होने वाला धागों की रंगाई के लिए यहां बहुतायत में डाईंग हाऊस और रंगाई भट्ठे हैं। इस कारण यहां भारी संख्या में लगे उच्च क्षमता के सबमर्सिबल पंप से जल दोहन तो किया ही जाता है रंगाई में निकलने वाला रसायनिक पानी नालों के माध्यम से नदियों में बहा दिया जाता है। जिले में सात निकाय हैं। उनमे भदोही नगर पालिका सबसे बड़ी है। पहले इसकी आबादी एक लाख हुआ करती थी लेकिन 28 गावों को शहरी सीमा में शामिल करने के बाद कुल आबादी डेढ़ लाख हो गई है। नदियों को बचाने के लिए मिशन नमामि गंगे के तहत भदोही नगर पालिका क्षेत्र में एसटीपी स्थापना की मांग कई वर्षों से की जा रही थी। गत वर्ष के प्रारंभ में इस पर गंभीरता से विचार करने के बाद नगर पालिका ने तीन स्थानों पिपरी में 170 लाख लीटर, घसकरी में 50 लाख लीटर तथा जयरामपुर में 30 लाख लीटर क्षमता के एसटीपी स्थापना के लिए भूमि का चयन कर जल निगम वाराणसी को सौंपा गया है। इसके बाद डीपीआर बनाकर शासन को भेजा गया। अब धन स्वीकृत हुआ है। भदोही नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज सिंह ने बताया कि शहर के औद्योगिक इकाईयों और रंगाई भट्ठों और लोगों के घरों से प्रतिदिन 25 एमएलडी गंदा पानी निकलता है।
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गंगा भी दूषित होने से बचेगी
भदोही। शहर में लगभग आठ सौ औद्योगिक इकाईया हैं। इनमें चार दर्जन डाईंग हाऊस और रंगाई भट्ठे हैं तथा बाकी औद्योगिक इकाईयां हैं। प्रतिदिन शहर में 25 एमएलडी गंदा पानी निकलता है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जो दूषित पानी वरुणा और मोरवा में छोड़ा जाता है वही आगे चल कर गंगा नदी में पहुंच जाता है। ईओ का कहना है कि केवल नदियां ही नहीं क्षेत्र में भारी संख्या में किसान भी दूषित पानी से त्रस्त है क्योंकि दूषित पानी उनकी खेतों में जाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार प्रभावित हो रही हैं।
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टेंडर की स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। शीघ्र ही अप्रुवल हो जाएगा। जिसके बाद कार्यदायी संस्था स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर देगी। इसमें ढाई से तीन महीने लग सकते है। आशीष कुमार सिंह, परियोजना प्रबंधक


भदोही नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन चिह्नित की गई है। कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एक से दो महीने में इस पर काम शुरू हो जाएगा।
- शैलेष कुमार, डीएम भदोही
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