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राजकीय शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:53 AM IST
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राजकीय शिक्षक संघ के बैनर तले राजकीय शिक्षकों ने सोमवार को कालीपट्टी
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बांधकर डीआईओएस कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ
नारेबाजी की। शिक्षकों ने पदोन्नति कोटा पूर्ण करने, सेवानिवृत्ति आयु 62
वर्ष करने समेत 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।
चेतावनी दी कि उनकी मांगों को पूर्ण नहीं किया गया तो वह बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज से शिक्षक प्रेमचंद्र यादव और पारस नाथ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं जुलूस की शक्ल में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचीं।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सरकार उनके साथ दोहरा मापदंड अपना रही है। कई साल से शिक्षक अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को सरकार अनसुना किया जा रहा है।
शिक्षकों की 14 सूत्री मांगों में पदोन्नति कोटा पूर्ण करने, माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय स्कूल से लेकर निदेशालय तक आनलाइन, राजकीय शैक्षिक संवर्ग की वरिष्ठता सूची आनलाइन, सेवानिवृत्त शिक्षकों के अवशेष देयकों का भुगतान और पेंशन हो, शिक्षकों को एसपीपी का लाभ मिले, बोर्ड परीक्षा में उत्तरपुस्तिका ढोने का कार्य न कराया जाए
, राजकीय शिक्षकों के प्रवक्ता संवर्ग के मूल पद को राजपत्रित हो, शिक्षण के अलावा दूसरा कार्य न कराएं, एलटी ग्रेड में नए शिक्षक और शिक्षिकाओं का वेतन निर्गत हो, एक अप्रैल 2005 के बाद सेवा में आए शिक्षकों को पुरानी पेंशन नीति से आच्छादित किया जाए। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।
चेतावनी दी कि उनकी मांगों को पूर्ण नहीं किया गया तो वह बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज से शिक्षक प्रेमचंद्र यादव और पारस नाथ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं जुलूस की शक्ल में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचीं।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सरकार उनके साथ दोहरा मापदंड अपना रही है। कई साल से शिक्षक अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को सरकार अनसुना किया जा रहा है।
शिक्षकों की 14 सूत्री मांगों में पदोन्नति कोटा पूर्ण करने, माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय स्कूल से लेकर निदेशालय तक आनलाइन, राजकीय शैक्षिक संवर्ग की वरिष्ठता सूची आनलाइन, सेवानिवृत्त शिक्षकों के अवशेष देयकों का भुगतान और पेंशन हो, शिक्षकों को एसपीपी का लाभ मिले, बोर्ड परीक्षा में उत्तरपुस्तिका ढोने का कार्य न कराया जाए
, राजकीय शिक्षकों के प्रवक्ता संवर्ग के मूल पद को राजपत्रित हो, शिक्षण के अलावा दूसरा कार्य न कराएं, एलटी ग्रेड में नए शिक्षक और शिक्षिकाओं का वेतन निर्गत हो, एक अप्रैल 2005 के बाद सेवा में आए शिक्षकों को पुरानी पेंशन नीति से आच्छादित किया जाए। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।