फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Some spent the housing installment on medicine and treatment, some on marriage, work incomplete

Bhadohi News: किसी ने दवा-इलाज तो किसी ने शादी में खर्च कर दी आवास की किस्त, काम अधूरा

Mon, 08 Jun 2026 12:49 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
Some spent the housing installment on medicine and treatment, some on marriage, work incomplete
पिपरिस के वनवासी बस्ती में छह साल से अधूरा पड़ा मुख्यमंत्री आवास। संवाद
ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों की मनमानी और अधिकारियों की लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में आवास अधूरे पड़े हुए हैं। जिले में 155 लाभार्थियों ने 62 लाख रुपये लेने के बाद भी काम पूरा नहीं कराया। किसी में दवा-इलाज तो किसी ने शादी में रुपये खर्च कर दिए। वहीं, 15 लाभार्थी पहली किस्त लेकर लापता हो गए हैं।
विज्ञापन

निर्धन वर्ग सभी लोगों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास तो प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री आवास योजना चला रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2016-17 तो मुख्यमंत्री आवास योजना 2019-20 में शुरू हुई। जिन परिवारों को पीएम आवास नहीं मिलता उनको सीएम आवास से संतृप्त किया गया। इसमें अनुसूचित जाति, विधवा, गंभीर बीमारी से ग्रसित परिवार को शामिल किया गया। साल 2018-19 से 2025 तक छह साल में स्वीकृत 4590 आवासों में 155 आवास पूरे नहीं हो सके। सभी को 40-40 हजार की पहली किस्त जारी की गई। इसमें कुछ लाभार्थियों को 70 हजार की दूसरी किस्त भी मिल चुकी है। 40 हजार की दर से 62 लाख रुपये लेने के बाद भी आवास अधूरे रह गए। रविवार को संवाद न्यूज़ एजेंसी ने ज्ञानपुर से सटे चकटोडर, जोरईं, मोढ़ के सिंहपुर, भदोही के पिपरिस, औराई के हुसैनीपुर आदि गांव में पड़ताल की। जोरईं और चकटोडर में चार साल बाद भी आवास अधूरे पड़े हैं। दूसरे गांव में आवास बने जरूर लेकिन खिड़की, दरवाजा समेत अन्य कार्य अब भी अधूरे हैं। इन आवासों का काम पूरा कराना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। ग्राम प्रधानों के माध्यम से ऐसे लाभार्थियों को चिह्नित किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि हालात सुधर रहे हैं। ज्यादातर आवासों का काम पूरा कराया जा चुका है।
विज्ञापन




छह साल बाद भी आवास अधूरा, लाभार्थी गायब
भदोही ब्लॉक के पिपरिस दून गांव में साल 2019 में मुख्यमंत्री आवास योजना में वनवासियों को आवास आवंटित हुआ था। राजकुमार, श्यामलाल, प्रमोद, मनोज, मेंहीलाल, मुसत्तू, संजय, रमेश, जोगेंद्र समेत अन्य लाभार्थियों के आवासों का काम पूरा नहीं हो सका। पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी किस्त में 70 हजार और तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये भी जारी हो चुके हैं। यहां के छह लाभार्थी लापता हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बस्ती में आए लाभार्थी वाराणसी के रहने वाले थे। आवास का लाभ दिलाने के लिए यहां बुलाया गया था और बाद में भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



मुख्यमंत्री आवास के लिए पात्रता
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विधवा महिलाओं को वरीयता।
कुष्ठ रोग, कालाजार या जापानी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित आवास विहीन परिवार।
प्राकृतिक आपदाओं में बेघर हुए परिवार, वनटांगिया और मुसहर समुदाय के लोग



वर्जन
खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवासों का सत्यापन कराया जा रहा है। 4590 में 4435 आवास पूरे हो गए हैं। 155 आवास अभी अधूरे हैं, जिनको पूरा कराया जा रहा है। करीब 12 लाभार्थी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। प्रधानों से बात कर आवासों का निर्माण पूरा कराया जाएगा। - आदित्य कुमार, परियोजना अधिकारी, डीआरडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed