ज्ञानपुर। अफसरों की उदासीनता कहें या ठेकेदार की लापरवाही। अभोली के तुलसीपुर-कठार में वरुणा नदी पर निर्माणाधीन लघु सेतु तीन साल बाद भी पूर्ण नहीं हो सका। 2021 में हैंडओवर होने वाला लघु सेतु अभी तक अधूरा है। इसको लेकर तमाम सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
जिले में गंगा की सहायक नदियां वरुणा और मोरवा संग ही नालों पर आवागमन को बेहतर करने के लिए छोटे-छोटे लघु सेतु बनाए जाते हैं। जिले में साल 2020-21 में करीब 10 लघु सेतु स्वीकृत हुए। इसमें ज्यादातर लघु सेतु कुछ दिन विलंब के बाद पूर्ण हो गए, लेकिन अभोली ब्लॉक के तुलसीपुर कठार में वरुणा पुल पर एक करोड़ 95 लाख की लागत से बनने वाला लघु सेतु अभी तक अधूरा ही है। फरवरी 2020 में उक्त पुल बनना शुरू हुआ और एक साल में पूर्ण कर फरवरी 2021 में हैंडओवर करना था। ग्रामीणों ने बताया कि यहां का पुल ठेकेदार की मनमानी से पूरा नहीं हो पाया। आधा अधूरा काम छोड़कर ठेकेदार गायब हो गए हैं। विभागीय स्तर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर कई सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं। आखिरकार समय से तीन साल बाद भी उक्त सेतु का निर्माण आखिरकार क्यों नहीं हो पाया। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण जैनूराम ने कहा कि लघु सेतु आवागमन लायक बन चुका है। भदोही की तरफ सड़क बन गई है, लेकिन प्रयागराज के किसानों ने कोर्ट में केस कर दिया है। इससे उस तरफ का काम पूर्ण नहीं हो पाया है। कोर्ट से मामला निपटने पर उसे पूर्ण करा दिया जाएगा।