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डीएल बनवाने की रफ्तार धीमी, 50 फीसदी की आई कमी
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एआरटीओ कार्यालय पर लाइसेंस बनवाने के लि शुल्क रेट देखते आवेदक। संवाद
- फोटो : BHADOHI
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जिले में विधानसभा चुनाव और कोरोना की वजह से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में कमी आई है। पहले सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में प्रतिदिन 54 स्लॉट की बुकिंग हुआ करती थी वहीं अब महज 25 से 30 ही हो रही है। हालांकि अधिकारी इसे ऑनलाइन व्यवस्था का कारण मान रहे हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में प्रतिदिन वाहन का लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए 54 का स्लॉट था। उसकी बुकिंग उसी के अनुसार होती थी। इतना ही नहीं जब आवेदक आवेदन करते थे तो स्लॉट बुक होने की वजह से डेट 15 से 20 दिन के बाद की ही मिलती थी, लेकिन इन दिनों ऐसा नहीं है। इस समय लर्निंग के लिए प्रतिदिन 25-30 स्लॉट ही बुक हो रहे हैं। वहीं हाल स्थायी लाइसेंस की भी है। इसमें भी 54 का स्लॉट है, लेकिन 20-25 लोग ही प्रतिदिन परीक्षा देने आ रहे हैं। इतनी ही बुकिंग भी हो रही है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस बनवाने वालों में कई लोग तो ऑनलाइन ही आवेदन कर रहे हैं। ऑनलाइन ही परीक्षा भी दे रहे हैं। इस वजह से संख्या कम हुई है। कुछ संख्या कोरोना और चुनाव की वजह से कम हुई है। हालांकि जो लोग कार्यालय आते हैं उनकी नियम के तहत परीक्षा कराई जाती है, उनकी औपचारिकताएं पूरी करके ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में प्रतिदिन वाहन का लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए 54 का स्लॉट था। उसकी बुकिंग उसी के अनुसार होती थी। इतना ही नहीं जब आवेदक आवेदन करते थे तो स्लॉट बुक होने की वजह से डेट 15 से 20 दिन के बाद की ही मिलती थी, लेकिन इन दिनों ऐसा नहीं है। इस समय लर्निंग के लिए प्रतिदिन 25-30 स्लॉट ही बुक हो रहे हैं। वहीं हाल स्थायी लाइसेंस की भी है। इसमें भी 54 का स्लॉट है, लेकिन 20-25 लोग ही प्रतिदिन परीक्षा देने आ रहे हैं। इतनी ही बुकिंग भी हो रही है।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस बनवाने वालों में कई लोग तो ऑनलाइन ही आवेदन कर रहे हैं। ऑनलाइन ही परीक्षा भी दे रहे हैं। इस वजह से संख्या कम हुई है। कुछ संख्या कोरोना और चुनाव की वजह से कम हुई है। हालांकि जो लोग कार्यालय आते हैं उनकी नियम के तहत परीक्षा कराई जाती है, उनकी औपचारिकताएं पूरी करके ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है।
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