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Bhadohi News: सीतामढ़ी आयुर्वेद चिकित्सालय बनकट में शिफ्ट
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सीतामढ़ी। लगभग डेढ़ दशक तक अपनी सेवा से मरीजों का दुख-दर्द दूर करने वाला राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय आखिरकार डीघ ब्लॉक के बनकट ग्रामसभा में शिफ्ट हो गया। इसके बाद से नारेपार के लोगों में नाराजगी है। चिकित्सालय के लिए बनकट ग्रामसभा में भवन निर्माण के लिए जमीन का आवंटन भी हो गया।
राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय की स्थापना नारेपार में लगभग डेढ़ दशक पूर्व हुई थी। सीतामढ़ी की प्रसिद्धि को देखते हुए विभाग ने उच्च स्तरीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बनाने का निर्णय लिया है। भवन निर्माण के लिए महज 3 से 5 बिस्वा जमीन की आवश्यकता थी, लेकिन भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी वाराणसी डॉ. भावना द्विवेदी ने जिलाधिकारी भदोही से नारेपार में आयुर्वेद चिकित्सालय भवन निर्माण के लिए कई बार जमीन की मांग की। जिलाधिकारी के निर्देश पर फाइल लेखपाल स्तर तक पहुंची, लेकिन नारेपार मेें भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके पहले नारेपार के पंचायत भवन में राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय का संचालन चल रहा था। जिसे ग्राम प्रधान ने खाली करवा दिया। उसके बाद आयुर्वेद अस्पताल किराए के भवन में चलने लगा। जब इसकी जानकारी ग्राम प्रधान बनकट यशवंत सिंह यादव को हुई तो उन्होंने बनकट ग्राम सभा में सरकारी जमीन का पट्टा कर अभिलेख में आयुर्वेद चिकित्सालय सीतामढ़ी के नाम से जमीन दर्ज करवा दी है। चिकित्सालय के संचालन के लिए बनकट पंचायत भवन परिसर में ही एक हाल भी उपलब्ध करा दिया है।
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राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय की स्थापना नारेपार में लगभग डेढ़ दशक पूर्व हुई थी। सीतामढ़ी की प्रसिद्धि को देखते हुए विभाग ने उच्च स्तरीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बनाने का निर्णय लिया है। भवन निर्माण के लिए महज 3 से 5 बिस्वा जमीन की आवश्यकता थी, लेकिन भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी।
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क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी वाराणसी डॉ. भावना द्विवेदी ने जिलाधिकारी भदोही से नारेपार में आयुर्वेद चिकित्सालय भवन निर्माण के लिए कई बार जमीन की मांग की। जिलाधिकारी के निर्देश पर फाइल लेखपाल स्तर तक पहुंची, लेकिन नारेपार मेें भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके पहले नारेपार के पंचायत भवन में राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय का संचालन चल रहा था। जिसे ग्राम प्रधान ने खाली करवा दिया। उसके बाद आयुर्वेद अस्पताल किराए के भवन में चलने लगा। जब इसकी जानकारी ग्राम प्रधान बनकट यशवंत सिंह यादव को हुई तो उन्होंने बनकट ग्राम सभा में सरकारी जमीन का पट्टा कर अभिलेख में आयुर्वेद चिकित्सालय सीतामढ़ी के नाम से जमीन दर्ज करवा दी है। चिकित्सालय के संचालन के लिए बनकट पंचायत भवन परिसर में ही एक हाल भी उपलब्ध करा दिया है।
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