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हाईवे:शोपीस बने इलेक्ट्रानिक उपकरण,प्राधिकरण मौन
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ज्ञानपुर/गोपीगंज। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर यातायात को सुगम बनाने के लिए लगाए गए इलेक्ट्रानिक उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। रखरखाव न होने से कई उपकरण खराब हो चुके हैं। इससे हाईवे पर हादसे की आशंका बनी रहती है। इसको लेकर लोगों ने शिकायतें भी की हैं, लेकिन प्राधिकरण अनदेखी कर रहा है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में लगभग 24 सौ करोड़ से स्वीकृत सिक्सलेन परियोजना स्वीकृत की गई। 2018-19 में परियोजना का कार्य पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका आनलाइन लोकार्पण किया। राजातालाब-हंडिया खंड के वाराणसी-प्रयागराज हाईवे की कुल दूरी 70 किमी से अधिक है। हाईवे पर निर्बाध यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर प्राधिकरण ने पूर्वी-पश्चिमी सीमा सहित गोपीगंज, बाबूसराय तक चार फ्लाईओवर, 14 छोटे-बड़े अंडरपास ब्रिज, उत्तरी-दक्षिणी छोर पर सर्विसलेन, डिवाइडर, वृहद नाला, जल निकासी के लिए पुल-पुलिया का निर्माण कराया है। इसके अलावा लाखों रुपये खर्च कर इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले बोर्ड, सीसी कैमरे, प्रमुख बाजार क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इसमें तमाम स्ट्रीट लाइट, डिस्प्ले और सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके हैं। प्रबंधक कार्य वीके कुशवाहा ने बताया कि तकनीकी उपकरणों के रखरखाव के लिए टीम लगातार कार्य करती रहती है। अगर कहीं इस तरह की शिकायत है तो टीम को भेज कर दूर कराया जाएगा।
गोपीगंज। फ्लाईओवर गोपीगंज के पिलर नंबर-18 में आयी तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने के लिए प्राधिकरण ने उत्तरी लेन पर लगने वाले 20 लाख का ज्वाइंट एक्सपेंशन उपलब्ध करा लिया है। दक्षिणी लेन की मरम्मत का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। प्रबंधक कार्य वीके कुशवाहा ने बताया कि दक्षिणी लेन में पिलर नंबर 18 की तकनीकी गड़बड़ी दूर करने के बाद उत्तरी लेन की खराबी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए ज्वाइंट एक्सपेंशन आ चुका है। जल्द ही उत्तरी लेन की मरम्मत के बाद आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।
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वित्तीय वर्ष 2016-17 में लगभग 24 सौ करोड़ से स्वीकृत सिक्सलेन परियोजना स्वीकृत की गई। 2018-19 में परियोजना का कार्य पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका आनलाइन लोकार्पण किया। राजातालाब-हंडिया खंड के वाराणसी-प्रयागराज हाईवे की कुल दूरी 70 किमी से अधिक है। हाईवे पर निर्बाध यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर प्राधिकरण ने पूर्वी-पश्चिमी सीमा सहित गोपीगंज, बाबूसराय तक चार फ्लाईओवर, 14 छोटे-बड़े अंडरपास ब्रिज, उत्तरी-दक्षिणी छोर पर सर्विसलेन, डिवाइडर, वृहद नाला, जल निकासी के लिए पुल-पुलिया का निर्माण कराया है। इसके अलावा लाखों रुपये खर्च कर इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले बोर्ड, सीसी कैमरे, प्रमुख बाजार क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इसमें तमाम स्ट्रीट लाइट, डिस्प्ले और सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके हैं। प्रबंधक कार्य वीके कुशवाहा ने बताया कि तकनीकी उपकरणों के रखरखाव के लिए टीम लगातार कार्य करती रहती है। अगर कहीं इस तरह की शिकायत है तो टीम को भेज कर दूर कराया जाएगा।
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गोपीगंज। फ्लाईओवर गोपीगंज के पिलर नंबर-18 में आयी तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने के लिए प्राधिकरण ने उत्तरी लेन पर लगने वाले 20 लाख का ज्वाइंट एक्सपेंशन उपलब्ध करा लिया है। दक्षिणी लेन की मरम्मत का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। प्रबंधक कार्य वीके कुशवाहा ने बताया कि दक्षिणी लेन में पिलर नंबर 18 की तकनीकी गड़बड़ी दूर करने के बाद उत्तरी लेन की खराबी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए ज्वाइंट एक्सपेंशन आ चुका है। जल्द ही उत्तरी लेन की मरम्मत के बाद आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।
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