{"_id":"64f7761ab7cd9d1d800bc8b4","slug":"samar-bahadur-patel-honored-with-state-teacher-honor-bhadohi-news-c-191-1-svns1016-2850-2023-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित हुए समर बहादुर पटेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित हुए समर बहादुर पटेल
विज्ञापन
शिक्षक दिवस के अवसर पर औराई ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय के बेजवां के प्रधानाचार्य समर बहादुर पटेल राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित हुए। लखनऊ में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ। पुरस्कार प्राप्त करने बाद समर बहादुर पटेल कहा कि बच्चों के लिए बेहरत शैक्षणिक माहौल देने के साथ ही एक ऐसा परिवेश देने का प्रयास किया गया है, जिसकी बदौलत हमारी आने वाली पीढ़ी सफलता के नए आयाम को गढ़ सके। उन्होंने बताया कि सीएम के हाथों मिला यह सम्मान हमें और भी बेहतर करने को प्रेरित करेगा। बताया कि स्कूल के परिवेश को शिक्षकों व गणमान्य लोगों के सहयोग से सुधारते हुए बच्चों के लिए बेहरत माहौल देने का कार्य होगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
वेतन के पैसे से की कंप्यूटर लैब, साइंस लैब की स्थापना
ज्ञानपुर। चौरी क्षेत्र के गोहिलांव गांव निवासी समर बहादुर 21 साल से शिक्षा से बच्चों के भविष्य को प्रकाशमय बना रहे हैं। 25 नवंबर 1999 को पहली नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय नेवादा, जबकि 12 जुलाई 2007 को नए विद्यालय तिऊरी में हुई। भवन विहीन स्कूल में एक साल तक पेड़ के नीचे बच्चों को पढ़ाया, लेकिन बच्चों की संख्या कम नहीं हुई। आठ अगस्त 2009 को नए पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेजवां में भेजा गया। यहां आने पर अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। स्कूल के कायाकल्प की योजना बनाकर काम शुरू किया। भौतिक परिवेश के बदलाव के साथ शैक्षिक गुणवत्ता की ओर विशेष ध्यान दिया। वेतन के पैसे से कंप्यूटर लैब, साइंस लैब की स्थापना की। समाज का सहयोग मिलने से स्कूल में सबमर्सिबल पंप, पानी की टंकी, आरओ मशीन, दो इन्वर्टर समेत दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे बच्चों की संख्या साल दर साल बढ़ती गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि समर बहादुर पटेल राज्य शिक्षक पुरस्कार के हकदार हैं। उन्होंने स्कूल के परिवेश संग बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उनको यह पुरस्कार मिलने से पूरा शिक्षा विभाग गौरवान्वित है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
वेतन के पैसे से की कंप्यूटर लैब, साइंस लैब की स्थापना
ज्ञानपुर। चौरी क्षेत्र के गोहिलांव गांव निवासी समर बहादुर 21 साल से शिक्षा से बच्चों के भविष्य को प्रकाशमय बना रहे हैं। 25 नवंबर 1999 को पहली नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय नेवादा, जबकि 12 जुलाई 2007 को नए विद्यालय तिऊरी में हुई। भवन विहीन स्कूल में एक साल तक पेड़ के नीचे बच्चों को पढ़ाया, लेकिन बच्चों की संख्या कम नहीं हुई। आठ अगस्त 2009 को नए पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेजवां में भेजा गया। यहां आने पर अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। स्कूल के कायाकल्प की योजना बनाकर काम शुरू किया। भौतिक परिवेश के बदलाव के साथ शैक्षिक गुणवत्ता की ओर विशेष ध्यान दिया। वेतन के पैसे से कंप्यूटर लैब, साइंस लैब की स्थापना की। समाज का सहयोग मिलने से स्कूल में सबमर्सिबल पंप, पानी की टंकी, आरओ मशीन, दो इन्वर्टर समेत दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे बच्चों की संख्या साल दर साल बढ़ती गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि समर बहादुर पटेल राज्य शिक्षक पुरस्कार के हकदार हैं। उन्होंने स्कूल के परिवेश संग बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उनको यह पुरस्कार मिलने से पूरा शिक्षा विभाग गौरवान्वित है। संवाद
विज्ञापन