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Bhadohi News: जांच न होने पर अस्पताल में हंगामा, दो मरीजों ने की चिकित्सकों से मारपीट
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गोपीगंज सीएचसी में हंगामा के बाद जुटी भीड़। स्रोत जागरूक पाठक
गोपीगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने पहुंचे दो युवकों ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। दोनों युवकों ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गालीगलौज और मारपीट की। मामला बढ़ता देख पुलिस बुला ली गई। अस्पताल पहुंची पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने चली गई। चिकित्सकों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज में सुबह 8:30 बजे सामान्य रूप से ओपीडी चल रही थी। इस बीच दो युवक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। दोनों को बुखार और सिरदर्द की शिकायत थी। ओपीडी में डॉ. आशीष गुप्ता को दिखाने पहुंचे दोनों मरीजों को डॉ. ने मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच लिखी। दोनों दूसरे तल पर स्थित लैब में जांच कराने पहुंचे। वहां लैब मशीन में तकनीकी दिक्कत होने के कारण सीबीसी जांच नहीं हो सकी। चिकित्सक ने उन्हें जिला अस्पताल के लैब में जाकर जांच कराने की सलाह दी। इस पर दोनों युवक एबुलेंस की सुविधा मांगने लगे। चिकित्सकों ने बताया कि एबुलेंस की सुविधा केवल आपात स्थिति के मरीजों को दी जाती है। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों युवक कहासुनी करने लगे और देखते ही देखते चिकित्सकों से गालीगलौज और धक्कामुक्की करने लगे। मामला इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई। अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी कार्ड ने मामले को संभालना चाहा तो उसके साथ भी हाथापाई हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने चली गई। चिकित्सकों ने दोनों युवकों के खिलाफ थाने में नामजद तहरीर दी और ओपीडी में गालीगलौज व दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
बताया जा रहा है कि दोनों युवकों को मलेरिया-टाइफाइड और सीबीसी की जांच लिखी गई थी। दोनों अस्पताल के दूसरे तल पर बने लैब में पहुंचे तो एक जांच हो गई लेकिन सीबीसी जांच नहीं हो सकी। इसके बाद वे नीचे आए और चिकित्सक से बहस करने लगे। बहस के बाद हाथापाई शुरू हो गई। डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया कि मशीन में तकनीकी दिक्कत के कारण सीबीसी जांच प्रभावित थी। अन्य जांचें हो रहीं थीं।
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हंगामे और मारपीट के दौरान अस्पताल की ओपीडी करीब एक घंटे तक प्रभावित रही। चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्यकर्मी तक विवाद के कारण मरीजों को नहीं देख सके। हालांकि दोनों युवकों को पुलिस ने जब हिरासत में ले लिया, उसके बाद ओपीडी सुचारु रूप से शुरू हो गई।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज में सुबह 8:30 बजे सामान्य रूप से ओपीडी चल रही थी। इस बीच दो युवक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। दोनों को बुखार और सिरदर्द की शिकायत थी। ओपीडी में डॉ. आशीष गुप्ता को दिखाने पहुंचे दोनों मरीजों को डॉ. ने मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच लिखी। दोनों दूसरे तल पर स्थित लैब में जांच कराने पहुंचे। वहां लैब मशीन में तकनीकी दिक्कत होने के कारण सीबीसी जांच नहीं हो सकी। चिकित्सक ने उन्हें जिला अस्पताल के लैब में जाकर जांच कराने की सलाह दी। इस पर दोनों युवक एबुलेंस की सुविधा मांगने लगे। चिकित्सकों ने बताया कि एबुलेंस की सुविधा केवल आपात स्थिति के मरीजों को दी जाती है। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों युवक कहासुनी करने लगे और देखते ही देखते चिकित्सकों से गालीगलौज और धक्कामुक्की करने लगे। मामला इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई। अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी कार्ड ने मामले को संभालना चाहा तो उसके साथ भी हाथापाई हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने चली गई। चिकित्सकों ने दोनों युवकों के खिलाफ थाने में नामजद तहरीर दी और ओपीडी में गालीगलौज व दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
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बताया जा रहा है कि दोनों युवकों को मलेरिया-टाइफाइड और सीबीसी की जांच लिखी गई थी। दोनों अस्पताल के दूसरे तल पर बने लैब में पहुंचे तो एक जांच हो गई लेकिन सीबीसी जांच नहीं हो सकी। इसके बाद वे नीचे आए और चिकित्सक से बहस करने लगे। बहस के बाद हाथापाई शुरू हो गई। डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया कि मशीन में तकनीकी दिक्कत के कारण सीबीसी जांच प्रभावित थी। अन्य जांचें हो रहीं थीं।
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हंगामे और मारपीट के दौरान अस्पताल की ओपीडी करीब एक घंटे तक प्रभावित रही। चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्यकर्मी तक विवाद के कारण मरीजों को नहीं देख सके। हालांकि दोनों युवकों को पुलिस ने जब हिरासत में ले लिया, उसके बाद ओपीडी सुचारु रूप से शुरू हो गई।