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फेयर स्टाप पर नहीं रुक रहीं रोडवेज बसें,डग्गामार वाहनों से यात्रा
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ज्ञानपुर/वहिदानगर। वाराणसी-प्रयागराज हाइवे स्थित फेयर स्टापों पर रोडवेज बसें नहीं रुक रही हैं। इससे दिवाली की छुट्टी खत्म होने और छठ पूजा पर घर आने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जंगीगंज-धनतुलसी मोड़, वहिदानगर सहित अन्य स्थानों पर बसें न रुकने के कारण लोग डग्गामार वाहनों और प्राइवेट बसों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
सुबह 10 बजे जंगीगंज बस फेयर स्टॉप पर खड़े सेमराध क्षेत्र के नंदापुर निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह अपने छोटे भाई बिनोद कुमार के साथ दीपावली की छुट्टी में घर आए थे। छुट्टी समाप्त होने पर वे वापस लौट रहे हैं। सुबह लगभग नौ बजे से वे वहां खड़े थे, लेकिन कोई बस नहीं रुकी। अंत में प्राइवेट बस में सवार होकर प्रयागराज के लिए रवाना हुए। सुगंधपुर निवासी अमरेश चंद्र ने बताया कि मय परिवार वह कानपुर के लिए निकले थे। रोडवेज की बसों को हाथ भी दिया, लेकिन नहीं रुकीं। निजी बसों के आने में देर हो रही थी। किसी तरह एक टेंपो ट्रैवलर के रुकने पर वह परिवार के साथ आगे बढ़े। स्थानीय रामचंद्र, सुभाषचंद्र, रामलाल ने बताया कि शासन की सख्ती के बाद भी रोडवेज के चालक-परिचालक फेयर स्टाप पर नहीं रुकते।
जंगीगंज, वहिदानगर नगर ऐसा स्टैंड और स्थान है। जहां से लगभग 50 से अधिक गांव, पड़ोसी जिले प्रयागराज, जौनपुर तक के लोग वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, आगरा, नोएडा, चंदौली, बरेली, रायबरेली की यात्रा करते हैं। इसके अलावा डिग्री कालेज, पालिटेक्निक कालेज हंडिया, सैदाबाद, झूंसी, जगतपुर-वाराणसी पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को भी प्राइवेट वाहनों का ही सहारा लेना पड़ता है। फेयर स्टाप पर बसें नहीं रुकने से निजी और डग्गामार वाहनों ही लोगों के काम आते हैं। जिससे जान का जोखिम तो बना ही रहता है। चालक मनमाना किराया भी वसूलते हैं।
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ज्ञानपुर। फेयर स्टाप वहिदानगर में सिविल लाइन-प्रयागराज, जंगीगंज में कैंट और ग्रामीण डिपो काशी से चलने वाली लगगभ 150 बसें वाराणसी से प्रयागराज तक चक्कर लगाती हैं। इसमें 75 छोटी बसें सिर्फ सिविल लाइन-प्रयागराज डिपो की हैं। एआरएम सिविल लाइन-प्रयागराज सीवी राम ने कहा कि इस तरह का कोई निर्देश उनकी ओर से नहीं है। निगम की बसों में यात्रा करने वालों से राजस्व ही मिलता है। दीपावली पर्व की छुट्टी समाप्त हो चुकी है। दो दिन बाद वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर स्टापेज संबंधित मामलों का निरीक्षण शुरू किया जाएगा।
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सुबह 10 बजे जंगीगंज बस फेयर स्टॉप पर खड़े सेमराध क्षेत्र के नंदापुर निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह अपने छोटे भाई बिनोद कुमार के साथ दीपावली की छुट्टी में घर आए थे। छुट्टी समाप्त होने पर वे वापस लौट रहे हैं। सुबह लगभग नौ बजे से वे वहां खड़े थे, लेकिन कोई बस नहीं रुकी। अंत में प्राइवेट बस में सवार होकर प्रयागराज के लिए रवाना हुए। सुगंधपुर निवासी अमरेश चंद्र ने बताया कि मय परिवार वह कानपुर के लिए निकले थे। रोडवेज की बसों को हाथ भी दिया, लेकिन नहीं रुकीं। निजी बसों के आने में देर हो रही थी। किसी तरह एक टेंपो ट्रैवलर के रुकने पर वह परिवार के साथ आगे बढ़े। स्थानीय रामचंद्र, सुभाषचंद्र, रामलाल ने बताया कि शासन की सख्ती के बाद भी रोडवेज के चालक-परिचालक फेयर स्टाप पर नहीं रुकते।
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जंगीगंज, वहिदानगर नगर ऐसा स्टैंड और स्थान है। जहां से लगभग 50 से अधिक गांव, पड़ोसी जिले प्रयागराज, जौनपुर तक के लोग वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, आगरा, नोएडा, चंदौली, बरेली, रायबरेली की यात्रा करते हैं। इसके अलावा डिग्री कालेज, पालिटेक्निक कालेज हंडिया, सैदाबाद, झूंसी, जगतपुर-वाराणसी पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को भी प्राइवेट वाहनों का ही सहारा लेना पड़ता है। फेयर स्टाप पर बसें नहीं रुकने से निजी और डग्गामार वाहनों ही लोगों के काम आते हैं। जिससे जान का जोखिम तो बना ही रहता है। चालक मनमाना किराया भी वसूलते हैं।
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ज्ञानपुर। फेयर स्टाप वहिदानगर में सिविल लाइन-प्रयागराज, जंगीगंज में कैंट और ग्रामीण डिपो काशी से चलने वाली लगगभ 150 बसें वाराणसी से प्रयागराज तक चक्कर लगाती हैं। इसमें 75 छोटी बसें सिर्फ सिविल लाइन-प्रयागराज डिपो की हैं। एआरएम सिविल लाइन-प्रयागराज सीवी राम ने कहा कि इस तरह का कोई निर्देश उनकी ओर से नहीं है। निगम की बसों में यात्रा करने वालों से राजस्व ही मिलता है। दीपावली पर्व की छुट्टी समाप्त हो चुकी है। दो दिन बाद वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर स्टापेज संबंधित मामलों का निरीक्षण शुरू किया जाएगा।