फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Risk of disease in Kharif crops due to less rain

Bhadohi News: बारिश कम होने से खरीफ फसलों में रोग लगने का खतरा

Sun, 01 Sep 2024 02:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2024 02:29 AM IST
विज्ञापन
Risk of disease in Kharif crops due to less rain
अच्छी मानसूनी बारिश न होने से धान की फसलों में पानी की कमी लगातार बनी हुई है। इससे फसलों में कई बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। धान के साथ मक्का, अरहर, उर्द, मूंग आदि फसलों में लगने वाले कीट और रोग से बचाव के लिए कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है।
विज्ञापन

जिला कृषि रक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार सिंह ने बताया कि धान में संकरी और चौड़ी पत्ती खरपतवार के नियंत्रण के लिए प्रेटिलाक्लोर 50 प्रतिशत, 1.5 लीटर और एनीलोफास 30 प्रतिशत, 1.25 से 1.5 लीटर को 500-600 लीटर पानी घोलकर फ्लैटफन नॉजिल से दो इंच भरे पानी में छिड़काव करना चाहिए। दीमक और जड़ की सूड़ी के नियंत्रण के लिए क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत को ढाई लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से सिंचाई के पानी के साथ प्रयोग करें।
विज्ञापन

खैरा रोग के नियंत्रण के लिए पांच किलो जिंक सल्फेट को 20-25 किलो यूरिया को एक हजार लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। तना बेधक से बचाव के लिए फेरोमोन ट्रैप को छह से आठ लीटर पानी प्रति हेक्टेयर में छिड़काव करें। जीवाणु झुलसा और जीवाणुधारी रोग नियंत्रण के लिए स्यूडोमोनास फ्लोरिसेंस दो प्रतिशत दो लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर पानी में डालकर छिड़काव करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

मक्का में तना भेदक कीट से बचाव के लिए डाईमेथोएट 30 प्रतिशत एक लीटर या क्लोरंट्रनिलिप्रोल 200 मिली या इंडोक्साकाब 500 मिली प्रति हेक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। फाल आर्मी वर्म कीट से बचने के लिए 20-25 पक्षी आश्रय (बर्ड पर्चर) और 3-4 की संख्या में प्रकाश प्रपंच लगाकर आसानी से प्रबंधन किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed