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रिमझिम बरसात ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Thu, 29 Oct 2015 01:48 AM IST
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दोपहर तक आसमान में बादलों की धमक और देखते ही देखते शुरू हुई रिमझिम बरसात ने ओला गिरने के अंदेशे को बल देकर खेतिहरों की धुकधुकी बढ़ा दी। धान की फसल अंतिम चरण में है और आलू की बुवाई चल रही है।
ऐसे में बारिश की बूंदें मेहनत पर पानी फेर सकती हैं।
लंबे समय के बाद बुधवार को मौसम ने अचानक तेवर बदला। दोपहर साढ़े 12 बजे के आसपास आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ शुरू हुई, जो थोड़ी ही देर में काली घटाओं की शक्ल अख्तियार कर ली।
इस दौरान ठंडी हवाएं भी चलीं। इससे तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पूर्व मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्शियस रिकार्ड किया गया था। दोपहर दो बजे के आसपास बूंदाबादी शुरू हो गई।
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यह सिलसिला रुक-रुक कर साढ़े तीन बजे चलता रहा। शाम साढ़े चार बजे के आसपास बूंदाबादी रिमझिम बरसात में तब्दील हो गई। मौसम का यह रुख देखकर किसान सकते में आ गए।
उनका कहना था कि कटाई कर खलिहान में रखे गए धान का सत्यानाश हो जाएगा। आलू की अगैती बुवाई करने वाले किसानों को भी यह बारिश नुकसान पहुुंचाएगी। अगर बरसात का सिलसिला बढ़ा तो नुकसान ज्यादा हो सकता है।
अभोली इलाके के किसान ओपी मिश्रा ने कहा कि अगर ओले गिर गए तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। धान की रोपाई के समय सूखे की स्थिति ने किसानों को मारा अब अंतिम समय में ओले गिरे तो बची-कुची कमाई भी बर्बाद हो जाएगी।
उधर रिमझिम बरसात के बाद बदली छाने के चलते सिहरन बढ़ गई। इससे लोगों ने अचानक ठंड महसूस की। चादर और गर्म कपड़े कबड़ से बाहर आ गए। रात में लोगों ने चादर का इस्तेमाल किया।
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ऐसे में बारिश की बूंदें मेहनत पर पानी फेर सकती हैं।
लंबे समय के बाद बुधवार को मौसम ने अचानक तेवर बदला। दोपहर साढ़े 12 बजे के आसपास आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ शुरू हुई, जो थोड़ी ही देर में काली घटाओं की शक्ल अख्तियार कर ली।
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इस दौरान ठंडी हवाएं भी चलीं। इससे तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पूर्व मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्शियस रिकार्ड किया गया था। दोपहर दो बजे के आसपास बूंदाबादी शुरू हो गई।
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यह सिलसिला रुक-रुक कर साढ़े तीन बजे चलता रहा। शाम साढ़े चार बजे के आसपास बूंदाबादी रिमझिम बरसात में तब्दील हो गई। मौसम का यह रुख देखकर किसान सकते में आ गए।
उनका कहना था कि कटाई कर खलिहान में रखे गए धान का सत्यानाश हो जाएगा। आलू की अगैती बुवाई करने वाले किसानों को भी यह बारिश नुकसान पहुुंचाएगी। अगर बरसात का सिलसिला बढ़ा तो नुकसान ज्यादा हो सकता है।
अभोली इलाके के किसान ओपी मिश्रा ने कहा कि अगर ओले गिर गए तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। धान की रोपाई के समय सूखे की स्थिति ने किसानों को मारा अब अंतिम समय में ओले गिरे तो बची-कुची कमाई भी बर्बाद हो जाएगी।
उधर रिमझिम बरसात के बाद बदली छाने के चलते सिहरन बढ़ गई। इससे लोगों ने अचानक ठंड महसूस की। चादर और गर्म कपड़े कबड़ से बाहर आ गए। रात में लोगों ने चादर का इस्तेमाल किया।