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भोलानाथ शुक्ला ने दिया इस्तीफा
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ज्ञानपुर। पिपरिस गोशाला के निरीक्षण में भदोही विधायक और एसडीएम को खामियां दिखने के बाद शुक्रवार को गोशाला का संचालन करने वाली संस्था सुशीला एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी ने गोशाला संचालन की जिम्मेदारी से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। संस्था के सचिव संतोष शुक्ला ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर संस्था को गोशाला संचालन से मुक्त करने की मांग की। इसके बाद संस्था के संरक्षक भोलानाथ शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर गोशाला के निरीक्षण के पीछे विधायक और उनके कुनबे की मंशा ठीक न होने का आरोप लगाया।
शुक्ला ने कहा कि जिला प्रशासन के आग्रह पर हमने गोशाला संचालन की जिम्मेदारी ली थी। गो-सेवा पुण्य का काम है, इसलिए अपनी कमाई से हर महीने लगभग डेढ़ लाख रुपये गोशाला में लगा रहा था। लाइट लगवाने के अलावा अन्य कई काम भी गोशाला में कराया। मगर बृहस्पतिवार को भदोही विधायक अपने परिवार के साथ निरीक्षण करने गए। इसके पीछे उनकी मंशा कुछ और प्रतीत होती है। इसलिए जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि गोशाला संचालन की जिम्मेदारी विधायक या उनके परिवार को ही दे दें। जो कोई भी गोशाला चलाएगा, उसे मैं एक लाख रुपये प्रति महीने दूंगा। उधर भदोही विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि गोशाला संचालन के लिए सरकार भारी बजट दे रही है, लेकिन वहां पशुओं की हालत ठीक नहीं है। बजट को हजम कर लिया जा रहा है। एसडीएम और पशु अधिकारियों के साथ हमने निरीक्षण किया था। असलियत सभी जानते हैं।
पिपरिस गोशाला का संचालन करने वाली संस्था ने इस्तीफा की पेशकश की है। हमने उसे सीडीओ रिमार्क कर नई एजेंसी की तलाश करने को कहा है। जब तक कोई अन्य एजेंसी नहीं मिल जाती, तब तक वही गोशाला को चलाते रहेंगे। गोशाला संचालन के लिए भदोही विधायक ने भी एक एजेंसी का नाम सुझाया है, उनसे भी बातचीत चल रही है।
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राजेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी
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शुक्ला ने कहा कि जिला प्रशासन के आग्रह पर हमने गोशाला संचालन की जिम्मेदारी ली थी। गो-सेवा पुण्य का काम है, इसलिए अपनी कमाई से हर महीने लगभग डेढ़ लाख रुपये गोशाला में लगा रहा था। लाइट लगवाने के अलावा अन्य कई काम भी गोशाला में कराया। मगर बृहस्पतिवार को भदोही विधायक अपने परिवार के साथ निरीक्षण करने गए। इसके पीछे उनकी मंशा कुछ और प्रतीत होती है। इसलिए जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि गोशाला संचालन की जिम्मेदारी विधायक या उनके परिवार को ही दे दें। जो कोई भी गोशाला चलाएगा, उसे मैं एक लाख रुपये प्रति महीने दूंगा। उधर भदोही विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि गोशाला संचालन के लिए सरकार भारी बजट दे रही है, लेकिन वहां पशुओं की हालत ठीक नहीं है। बजट को हजम कर लिया जा रहा है। एसडीएम और पशु अधिकारियों के साथ हमने निरीक्षण किया था। असलियत सभी जानते हैं।
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पिपरिस गोशाला का संचालन करने वाली संस्था ने इस्तीफा की पेशकश की है। हमने उसे सीडीओ रिमार्क कर नई एजेंसी की तलाश करने को कहा है। जब तक कोई अन्य एजेंसी नहीं मिल जाती, तब तक वही गोशाला को चलाते रहेंगे। गोशाला संचालन के लिए भदोही विधायक ने भी एक एजेंसी का नाम सुझाया है, उनसे भी बातचीत चल रही है।
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राजेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी
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